रातों-रात जारी हुए प्रमोशन आदेश से मचा हड़कंप, एमडी की कार्यशैली पर उठे सवाल

सरकारी विभाग की एक प्रमुख कंपनी में पदस्थ एमडी इन दिनों एक प्रमोशन आदेश को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार की मंशा लंबे समय से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की थी, लेकिन विभागीय स्तर पर यह प्रक्रिया लगातार विलंब का शिकार होती रही। बताया जा रहा है कि प्रमोशन से जुड़ी फाइल कई दिनों तक विभिन्न स्तरों पर अटकी रही और आवश्यक दस्तावेजों व प्रक्रियाओं के नाम पर निर्णय टलता रहा। इस बीच विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर प्रमोशन आदेश जारी होने में इतनी देरी क्यों हो रही है। मामला तब और अधिक सुर्खियों में आ गया, जब अचानक देर रात प्रमोशन से संबंधित आदेश जारी कर दिए गए। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने मंत्रालय और संबंधित विभाग में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कई अधिकारी इसे प्रशासनिक दबाव और अंतिम समय में हुई तेज कार्रवाई से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रमोशन प्रक्रिया के दौरान फाइल कई स्तरों पर घूमती रही और अलग-अलग कारणों से निर्णय आगे बढ़ता रहा। चर्चा यह भी है कि संबंधित एमडी की कार्यशैली के कारण प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक समय तक लंबित रही। बताया जा रहा है कि कभी दस्तावेजों की जांच, कभी तकनीकी औपचारिकताओं और कभी अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर फाइल को अंतिम मंजूरी तक पहुंचने में विलंब हुआ। इस बीच कई अधिकारियों ने उच्च स्तर पर भी इस मामले की जानकारी पहुंचाई, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से ध्यान दिया गया। सूत्रों के अनुसार, जब यह स्पष्ट संकेत मिलने लगे कि अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी, तब पूरी प्रक्रिया में तेजी आई और रात के समय ही प्रमोशन आदेश जारी कर दिए गए। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि जिस काम के लिए कई दिनों तक फाइलें घूमती रहीं, वही प्रक्रिया कुछ घंटों के भीतर पूरी हो गई। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की गति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

प्रमोशन आदेश जारी होने के बाद अब मंत्रालय के गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। कई अधिकारियों का मानना है कि यदि शुरुआत से ही समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाती तो अंतिम समय में इतनी जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं कुछ अधिकारी इसे शासन के स्पष्ट संदेश का परिणाम मान रहे हैं कि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि संबंधित एमडी की कार्यशैली पहले भी कई बार चर्चा का विषय रही है और इस बार भी प्रमोशन प्रक्रिया ने उनके कामकाज को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि विभाग या संबंधित अधिकारी की ओर से पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन देर रात जारी हुए प्रमोशन आदेश ने मंत्रालय और प्रशासनिक हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि भविष्य में विभाग की अन्य लंबित प्रक्रियाओं को भी इसी गति से पूरा किया जाता है या नहीं।

  • md-promotion-order-issued-at-night
gaurav singh rajput

gaurav singh rajput

Related Posts

भ्रष्टाचार की ‘गारंटी’ या अफसरों का ‘खेल’? शहपुरा ROB हादसे की आरोपी कंपनी ICT को MPRDC ने दिए 8 करोड़ से अधिक के नए ठेके, जनता के पैसों पर भारी चपत!

FIR दर्ज होने और ब्लैकलिस्ट की प्रक्रिया के बीच…

आगे पढ़ें
प्रमोटी आईपीएस अधिकारी को मिला कलेक्टर का दायित्व, तबादला सूची में नई जिम्मेदारी बनी चर्चा का विषय

हाल ही में जारी तबादला सूची में एक प्रमोटी…

आगे पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया

NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया

पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह की जयंती: विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह की जयंती: विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि