
भोपाल।आदि मिश्रा| गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय संस्कृति, गुरु परंपरा और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाली शक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति मानवता, प्रकृति और समस्त जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश देती है
भारतीय संस्कृति में प्रकृति को मिला विशेष स्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों में भी प्राण होने की मान्यता है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति प्रकृति के प्रति सम्मान, संरक्षण और संतुलन का संदेश देती है, जो आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है।
वन्यजीव संरक्षण की परंपरा का किया उल्लेख
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में देवी-देवताओं के वाहनों के माध्यम से भी जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का भाव दिखाई देता है। उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल संरक्षण, असम के साथ वन्यजीव आदान-प्रदान तथा भोपाल के आसपास बड़ी संख्या में बाघों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए मध्य प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता पर गर्व व्यक्त किया।
गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु परंपरा के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
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