मैहर/ देवेश शर्मा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी संदीपनी विद्यालय योजना को लेकर मैहर में विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय के प्राचार्य दिनेश पुरी गोस्वामी पर छात्र छात्राओं ने अनुशासन के नाम पर प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त शिकायत प्रशासन को सौंपकर प्राचार्य को हटाने की मांग की है।
सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित
शिकायत के अनुसार, विद्यालय में देर से आने वाले विद्यार्थियों को घंटों तक मुख्य द्वार के बाहर खड़ा रखा जाता है। छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थी दूर दराज के क्षेत्रों से आते हैं या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से देर हो जाती है, लेकिन उनकी परिस्थितियों पर ध्यान देने के बजाय कठोर दंड दिया जाता है। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें भी लंबे समय तक बाहर खड़ा रखा जाता है, जिससे उनकी सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित होती हैं।
विद्यार्थियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्राचार्य विद्यार्थियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और कई बार गाली गलौज भी करते हैं। छात्रों का कहना है कि इस माहौल के कारण विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
छात्र छात्राओं ने एसडीएम मैहर के नाम ज्ञापन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो वे आगामी दिनों में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के मैहर दौरे के दौरान भी अपनी बात उनके समक्ष रखेंगे।
संदीपनी विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर संस्कार देना है। ऐसे में यदि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह योजना की मूल भावना के विपरीत माना जाएगा।
आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं
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फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्राचार्य या शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
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