
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: जिले में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद पिछोर क्षेत्र में महुअर नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया, जबकि खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलों के प्रभावित होने की आशंका है। गुरुकुदवाया गांव में नदी का पानी स्कूल और कुछ घरों तक पहुंच गया। वहीं जिले में बारिश का दौर जारी होने के बावजूद इस सीजन में अब तक पिछले साल की तुलना में 729.72 मिमी कम बारिश दर्ज की गई है।
महुअर नदी का जलस्तर बढ़ा, गांवों में घुसा पानी
पिछोर क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 1 बजे से 3 बजे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद महुअर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी का पानी गुरुकुदवाया गांव में स्कूल और कुछ घरों तक पहुंच गया। बूढ़ोन शाजापुर, उमरीकला और पायगा सहित आसपास के गांवों में भी खेतों में पानी भर गया है।
खेतों में खड़ी फसलों के डूबने से किसानों को नुकसान की आशंका है। नदी का तेज बहाव पिछोर से आगे बढ़ते हुए करैरा क्षेत्र तक पहुंच गया। करैरा पुल पर इस सीजन में पहली बार महुअर नदी तेज बहाव के साथ बहती दिखाई दी।
शहर में भी बारिश से सड़कों पर जलभराव
शुक्रवार शाम शिवपुरी शहर में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे कई सड़कों पर पानी भर गया। इसके बाद रातभर और शनिवार सुबह तक रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। लगातार बारिश के कारण जिले के नदी नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है।
पिछले साल से 729.72 मिमी कम बारिश
भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून 2026 से अब तक शिवपुरी जिले में 313.82 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 1043.54 मिमी औसत वर्षा हो चुकी थी। इस तरह इस साल अब तक पिछले वर्ष की तुलना में 729.72 मिमी कम बारिश हुई है।
जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी बताई गई है। वहीं पिछले साल पूरे मानसून सीजन में शिवपुरी जिले में कुल 1585.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
शिवपुरी में सबसे ज्यादा, खनियाधाना में सबसे कम
1 जून से अब तक तहसीलवार दर्ज वर्षा के आंकड़े इस प्रकार हैं
- शिवपुरी: 401.80 मिमी
- पोहरी: 392 मिमी
- करैरा: 357.60 मिमी
- नरवर: 353 मिमी
- कोलारस: 331 मिमी
- बदरवास: 286.50 मिमी
- पिछोर: 262 मिमी
- बैराड़: 232 मिमी
- खनियाधाना: 208.50 मिमी
इस तरह जिले में अब तक सबसे अधिक बारिश शिवपुरी तहसील में और सबसे कम खनियाधाना में दर्ज हुई है।
जलभराव के बावजूद बारिश के आंकड़े पीछे
शुक्रवार रात की बारिश के बाद जिले के कई हिस्सों में नदी नालों का जलस्तर बढ़ा है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। हालांकि, पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष अब तक बारिश पिछले साल की तुलना में काफी पीछे है। शनिवार सुबह तक जिले के कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा।
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