
बीना (सागर): सावन माह में भगवान शिव की भक्ति का उत्साह चरम पर है। रविवार को बीना के देव रघुनाथ बड़ा मंदिर स्थित मोतीचूर नदी घाट से वीर हनुमान कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कंधों पर कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए उदयपुर स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के लिए रवाना हुए।
यात्रा के शुभारंभ के दौरान पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठा। सावन की बारिश भी कांवड़ियों की आस्था और उत्साह को नहीं रोक सकी। बारिश के बीच युवा भगवा ध्वज लेकर और कंधों पर कांवड़ उठाकर भजनों की धुन पर आगे बढ़ते नजर आए।
मोतीचूर नदी से जल लेकर पैदल रवाना हुए कांवड़िए
वीर हनुमान कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने मोतीचूर नदी घाट से पवित्र जल भरा। धार्मिक परंपरा के अनुसार कांवड़िए जल को कंधे पर रखकर पैदल यात्रा करते हैं और भगवान शिव के मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। इसी संकल्प के साथ श्रद्धालु मोतीचूर नदी का जल लेकर उदयपुर स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान कांवड़िए भगवान शिव की भक्ति में लीन रहेंगे और रास्तेभर ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ेंगे।
लायरा, कुरवाई, मंडी बामोरा और पठारी होते हुए उदयपुर पहुंचेंगे
बीना से शुरू हुई वीर हनुमान कांवड़ यात्रा निर्धारित मार्ग से उदयपुर पहुंचेगी। कांवड़िए लायरा, कुरवाई, मंडी बामोरा और पठारी होते हुए उदयपुर पहुंचेंगे। यहां श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में मोतीचूर नदी से लाए गए जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग में जगह-जगह सेवा और सहायता की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों के लिए पानी, चाय, भोजन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारियां भी की जा रही हैं।
बारिश में भी नहीं थमे कांवड़ियों के कदम
रविवार को यात्रा शुरू होने के दौरान बारिश होती रही, लेकिन कांवड़ियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। युवा कांवड़िए भगवा ध्वज लेकर भजनों की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़े। बारिश के बीच सड़क पर कांवड़ियों की टोली और गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों ने पूरे वातावरण को शिवमय कर दिया।
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