ट्रंप की सुरक्षा पर बड़ा खतरा! एयर फोर्स वन छोड़ गुपचुप सैन्य विमान से पहुंचे ब्रिटेन

न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्की से ब्रिटेन तक की यात्रा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ पर गंभीर और विश्वसनीय सुरक्षा खतरों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को बेहद गुप्त तरीके से एक सैन्य विमान के जरिए ब्रिटेन पहुंचाया।

कैटरिंग ट्रक और कार का इस्तेमाल कर बदला विमान

द वाशिंगटन पोस्ट और द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना पिछले महीने अंकारा की है। मीडिया और जनता की मौजूदगी के बीच डोनाल्ड ट्रंप अंकारा में सार्वजनिक रूप से एयर फोर्स वन पर सवार हुए। हालांकि, विमान के अंदर पहुंचते ही ट्रंप और उनके कुछ प्रमुख सहयोगियों को गुप्त रूप से एक कैटरिंग ट्रक में ले जाया गया, जो विमान के निचले दरवाजे से जुड़ा हुआ था। वहां से ट्रंप को एक कार में बिठाया गया और फिर सीधे एक छोटे सैन्य जेट (सी-32ए) में ट्रांसफर कर दिया गया। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप और उनके करीबी सहयोगियों ने इसी सैन्य जेट से ब्रिटेन के मिल्डेनहॉल एयरबेस तक की यात्रा की।

पत्रकारों और अधिकारियों को नहीं लगी भनक

जब राष्ट्रपति सैन्य विमान से ब्रिटेन के लिए रवाना हुए, तब पुराने एयर फोर्स वन विमान में मौजूद अन्य उच्च अधिकारी और प्रेस कोर के पत्रकार बेखबर थे। वे इसी भ्रम में रहे कि राष्ट्रपति उन्हीं के साथ सफर कर रहे हैं। उड़ान के दौरान पत्रकारों को खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। ब्रिटेन पहुंचने के बाद बाकी अधिकारी और पत्रकार फिर से राष्ट्रपति के दल में शामिल हुए। ब्रिटेन के मिल्डेनहॉल एयरबेस पहुंचने के बाद ट्रंप यात्रा के अगले चरण के लिए कतर द्वारा उपहार में दिए गए विशेष विमान में सवार होकर वापस अमेरिका लौटे।

सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां और व्हाइट हाउस का रुख

व्हाइट हाउस ने इन रिपोर्टों की न तो स्पष्ट पुष्टि की और न ही खारिज किया। हालांकि, व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का संकेत देते हुए कहा, “अमेरिका के कई दुश्मन राष्ट्रपति को निशाना बनाना चाहते हैं, और हम उनके जीवन की सुरक्षा के लिए उपलब्ध हर संसाधन का इस्तेमाल करते हैं।”

कतर के विमान और एयर फोर्स वन पर उठे सुरक्षा सवाल

यह पूरा घटनाक्रम 8 जुलाई को अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के बाद का है। ट्रंप अक्सर कतर से मिले उपहार स्वरूप विमान की विलासिता और आधुनिक सुविधाओं की तारीफ करते रहे हैं, लेकिन अमेरिकी सीक्रेट सर्विस का मानना था कि इस विमान में जल्दबाजी में किए गए तकनीकी बदलावों के कारण यह पुराने एयर फोर्स वन जितना सुरक्षित नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, कतर के विमान में वे अत्याधुनिक मिसाइल-रोधी प्रणाली और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमलों से बचाने वाली विशेष वायरिंग मौजूद नहीं थी, जो एयर फोर्स वन में होती हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के बाद पहले ट्रंप को कतर के विमान से पुराने एयर फोर्स वन में स्थानांतरित किया गया और कतर के विमान को ब्रिटेन भेज दिया गया। बाद में जब पुराने एयर फोर्स वन पर भी सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ, तो उन्हें गुप्त रूप से सी-32ए सैन्य जेट (बोइंग 757 का एक सैन्य संस्करण) में ले जाने का फैसला किया गया। हालांकि, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि उन्होंने कतर का विमान ब्रिटेन इसलिए भेजा था क्योंकि वहां तैनात अमेरिकी सैनिक उसे देखना चाहते थे।

जानकारी लीक होने पर बवाल और मीडिया को समन

कतर के विमान की सुरक्षा कमियों को लेकर अमरिकी खबर द न्यूयॉर्क टाइम्स में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद हड़कंप मच गया था। अमेरिकी न्याय विभाग ने लीक के स्रोत का पता लगाने के लिए पत्रकारों, उनके रिश्तेदारों और यहाँ तक कि एक पत्रकार की मां तक को समन जारी कर उनके फोन की मांग की थी। न्याय विभाग ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा की गोपनीय जानकारी लीक करने वालों की जांच जरूरी थी। हालांकि, चौतरफा आलोचना के बाद इन समनों को वापस ले लिया गया। इस पूरे लीक विवाद और जांच ने अप्रत्यक्ष रूप से उन सुरक्षा चिंताओं की पुष्टि कर दी, जिन्हें पहले खारिज किया जा रहा था। 

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  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

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