
मैहर/ देवेश शर्मा: जिले के खनन उद्योग वाले गांवों में विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने खनन उद्योग से प्रभावित ग्रामों के विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति गांवों की जरूरतों का आकलन कर उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर अलग-अलग विकास योजनाएं तैयार करेगी।
पांच अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
गठित समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मैहर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मैहर जनपद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामनगर जनपद, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद मैहर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर परिषद रामनगर/अमरपाटन को शामिल किया गया है।
समिति संबंधित गांवों के सरपंच और सचिव से समन्वय कर वहां की जरूरतों और विकास की संभावनाओं की जानकारी जुटाएगी। इसके बाद प्रत्येक ग्राम के लिए पृथक-पृथक विस्तृत विकास योजना तैयार कर जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
इन गांवों को किया गया शामिल
कार्ययोजना में भरौली, खेरवा, भदनपुर, अजवाईन, अरगट, हिनौती, जुडवानी, गिरगिटा, बेल्दरा और अमिलिया सहित अन्य खनन प्रभावित गांवों को शामिल किया गया है।
DMF और CSR फंड से होंगे विकास कार्य
खनन गतिविधियों से प्रभावित इन ग्रामों में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड और CSR मद से विकास कार्य कराए जाएंगे। इन निधियों के जरिए गांवों में स्थानीय जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि योजनाबद्ध तरीके से होने वाले इन कार्यों से खनन प्रभावित गांवों की सुविधाओं के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़े: जैश मॉड्यूल पर STF की बड़ी कार्रवाई: हमीम मंडल के एक और सहयोगी को किया गिरफ्तार
- Maihar-Mining-Affected-Villages-Development-Plan-Committee-Formed








