
पश्चिम बंगाल में संदिग्ध ISI एजेंट राना रऊफ खालिद की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। एजेंसियां अब उसके संपर्कों और कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है।
सबूत मिटाने के लिए तोड़ा मोबाइल, लेकिन सिम कार्ड बना अहम कड़ी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन को इस मकसद से तोड़ दिया था कि उससे जुड़े डिजिटल सबूत नष्ट हो जाएं। हालांकि, जांच एजेंसियों के लिए सिम कार्ड अहम सुराग साबित हुआ। सिम से जुड़े विवरणों और संपर्कों की जांच के जरिए एजेंसियां उसके नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
रऊफ खालिद से पूछताछ के दौरान उसके संपर्कों को लेकर कई सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या इनका संबंध पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स या किसी बड़े जासूसी नेटवर्क से था। फिलहाल सामने आए तथ्यों की जांच जारी है।
बंगाल में नेटवर्क की मौजूदगी की आशंका
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में बंगाल में कथित जासूसी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं। इससे पहले भी एजेंसियों ने ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर संपर्कों और विदेशी हैंडलर्स के बीच संभावित कड़ियों की पड़ताल की है।
एजेंसियां खंगाल रही हैं पूरी संपर्क कड़ी
अब जांच का फोकस केवल आरोपी तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके संपर्क में कौन कौन लोग थे, उनसे किस तरह की बातचीत होती थी और कथित तौर पर किस तरह की जानकारी साझा की गई। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
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