
बांग्लादेश सरकार ने देश में खाद्य आपूर्ति बनाए रखने और जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए 25,000 टन चीनी आयात करने की मंजूरी दी है। यह फैसला कैबिनेट कमेटी ऑन गवर्नमेंट परचेज (CCGP) की बैठक में लिया गया। चीनी की खरीद अंतरराष्ट्रीय खुली निविदा के जरिए की जाएगी। सरकार ने इसके साथ चावल, सोयाबीन तेल और दाल की खरीद को भी मंजूरी दी है।
अंतरराष्ट्रीय निविदा से होगी चीनी की खरीद
बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से चीनी खरीद का प्रस्ताव रखा गया था। CCGP ने 25,000 टन चीनी की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ओपन टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में जरूरी खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश सरकार खाद्य भंडार को मजबूत करने के लिए कई जरूरी वस्तुओं की खरीद कर रही है। इसी बैठक में 1 लाख टन गैर-बासमती उबले चावल, 2 करोड़ लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल और 10,000 टन दाल आयात करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। चावल की खरीद वियतनाम से सरकार-से-सरकार व्यवस्था के तहत की जाएगी।
खाद्य भंडार मजबूत करने पर सरकार का जोर
चीनी आयात को मंजूरी देने का मुख्य उद्देश्य घरेलू आपूर्ति को स्थिर रखना है। सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चाहती है। अंतरराष्ट्रीय निविदा के जरिए खरीद होने से अलग-अलग आपूर्तिकर्ताओं से प्रस्ताव मिलने की संभावना रहेगी।
बांग्लादेश में चीनी की मांग का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा होता है। ऐसे में सरकारी खरीद बाजार में उपलब्धता बनाए रखने में मदद कर सकती है। इससे खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।
बांग्लादेश सरकार का 25,000 टन चीनी आयात करने का फैसला खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति प्रबंधन से जुड़ा है। इसके साथ चावल, तेल और दाल की खरीद को मंजूरी देना भी सरकार की व्यापक खाद्य भंडार रणनीति को दिखाता है। अब चीनी की खरीद अंतरराष्ट्रीय निविदा प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ेगी।
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