
छतरपुर: कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी पीओ डूडा आयशा अंसारी सहित जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के सीएमओ मौजूद रहे। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, कचरा प्रबंधन, स्वच्छता सर्वेक्षण, आवारा पशु नियंत्रण, पीएम आवास योजना, अमृत 2.0 और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के नगरीय निकायों की लीगेसी डंपसाइट और कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने सीएमओ को नगरीय क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर को चिन्हित कर उनका पंजीयन कराने के निर्देश दिए। राजनगर निकाय में इस कार्य पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही होटल संचालकों को अपने स्तर पर कचरे का प्रसंस्करण करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
सड़कों पर आवारा पशुओं को रोकने के निर्देश
छतरपुर शहर में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि गोवंश सड़कों पर दिखाई नहीं देना चाहिए। इसके लिए लगातार अभियान चलाकर आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने और वहां उनकी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पशु दोबारा सड़कों पर न लौटें। कलेक्टर ने पशुओं के एबीसी सेंटर के संचालन की तैयारियों की भी समीक्षा की और आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी नगरीय निकायों को जीएफसी स्टार रेटिंग सर्वे से पहले अपनी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया।
कमजोर प्रदर्शन वाले निकायों पर विशेष ध्यान
कलेक्टर ने कहा कि जिन नगरीय निकायों का पिछला प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है, वहां विशेष रूप से तैयारी की जाए। नौगांव, लवकुशनगर, सटई, हरपालपुर, बारीगढ़, घुवारा और महाराजपुर निकायों को बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत उपयोगिता और मल-जल प्रबंधन के लिए भूमि आवंटन से जुड़ी समस्याओं का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा गया।
अमृत 2.0 के लंबित कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश
अमृत 2.0 के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने छतरपुर में वाटर बॉडीज, घुवारा एवं नौगांव में पार्क निर्माण और राजनगर में वाटर बॉडी रिजुवनेशन के कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबे समय से लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने को कहा।
पीएम आवास योजना पर भी हुई समीक्षा
पीएम आवास योजना 1.0 की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निकायों में शेष आवासों का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों ने योजना की राशि प्राप्त करने के बावजूद आवास का निर्माण नहीं कराया है, उनके मामलों में नियमानुसार राशि वसूली की कार्रवाई की जाए। वहीं पीएम आवास योजना 2.0 (शहरी) के लंबित आवेदनों का सात दिवस के भीतर सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। आवासों की जियो टैगिंग भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
श्रमिकों का पीएम श्रम योगी मानधन योजना में कराएं पंजीयन
कलेक्टर ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वार्ड प्रभारियों के माध्यम से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का पीएम श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन कराया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को योजना में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए और अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी। संबल योजना की समीक्षा में बड़ामलहरा निकाय में सबसे अधिक लंबित प्रकरण पाए जाने पर कलेक्टर ने सभी लंबित मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को शिकायतों का तत्परता से निराकरण करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
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