
मैहर: कलेक्टर विदिशा मुखर्जी के निर्देश पर प्रशासनिक अमले ने एसडीएम दिव्या पटेल के नेतृत्व में RCCPL परिसर का निरीक्षण कर वहां की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच की। टीम ने कंपनी परिसर में आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंपनी में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, स्थिति और उपयोगिता की जानकारी ली।
इसके साथ ही भवनों में आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली आपातकालीन प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई। अधिकारियों ने बिल्डिंग फायरमैन से भी सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि आग लगने की स्थिति में उपलब्ध उपकरणों का तत्काल और प्रभावी तरीके से उपयोग किया जा सकता है या नहीं।
जांच के बाद कलेक्टर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच दल में एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल और नायब तहसीलदार सतनामी सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी को सौंपी जाएगी।
सिर्फ उपकरण लगाना नहीं, उनका चालू हालत में होना जरूरी
फायर सेफ्टी जांच का उद्देश्य केवल उपकरणों की मौजूदगी देखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि आपात स्थिति में वे वास्तव में काम करने की स्थिति में हों। आग लगने की स्थिति में एक्सपायरी हो चुके अग्निशमन यंत्र या केवल कागजों में दर्ज सुरक्षा व्यवस्थाएं किसी काम की नहीं होतीं। ऐसे में प्रशासनिक टीम द्वारा उपकरणों की स्थिति और उनके उपयोग की क्षमता की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही प्रशिक्षित कर्मचारियों की भूमिका भी अहम है, ताकि किसी आपात स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा तैयार की जाने वाली जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट में RCCPL की फायर सेफ्टी व्यवस्था संतोषजनक पाई जाती है या सुधार की जरूरत सामने आती है, यह रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।
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