
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी की है। जन्मोत्सव के दौरान शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 129 बैरियर और 24 पार्किंग जोन बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रूट डायवर्जन और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
129 बैरियर से शहर में एंट्री और ट्रैफिक कंट्रोल
जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन का मुख्य फोकस भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर है।
प्रशासन की योजना के तहत अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों पर 129 बैरियर लगाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने, भीड़ को व्यवस्थित रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक प्रवेश रोकने के लिए किया जाएगा।
24 पार्किंग जोन में खड़े होंगे वाहन
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण शहर के भीतर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए 24 पार्किंग जोन निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों को इन पार्किंग क्षेत्रों में खड़ा कराया जाएगा और वहां से उन्हें आगे जाने की व्यवस्था की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जन्मभूमि और प्रमुख मंदिरों के आसपास वाहनों का दबाव कम करना है। इससे पैदल आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ के बीच कम परेशानी होने की उम्मीद है।
रूट डायवर्जन से कम होगा ट्रैफिक दबाव
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा में सामान्य यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। भारी भीड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही को सीमित करते हुए जरूरत के मुताबिक रूट डायवर्ट किए जाएंगे।
प्रशासन का प्रयास है कि शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास ट्रैफिक का दबाव कम रहे और इमरजेंसी सेवाओं के लिए रास्ते खुले रहें। पिछले वर्षों में भी जन्माष्टमी के दौरान मथुरा में सुरक्षा और यातायात को जोन-सेक्टर व्यवस्था के तहत संभाला गया था।
ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन तकनीक की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। भीड़ की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा मथुरा में जन्माष्टमी को और भव्य बनाने के लिए 500 ड्रोन के जरिए कृष्ण लीला दिखाने की योजना भी सामने आई है। यह ड्रोन शो करीब 3 से 4 किलोमीटर के दायरे से दिखाई देने की उम्मीद है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास विशेष सुरक्षा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पिछले जन्माष्टमी आयोजनों में जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर और बांके बिहारी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को जोन और सेक्टर में बांटकर भीड़ पर निगरानी रखी गई थी।
श्रद्धालुओं की सुविधा भी रहेगी प्राथमिकता
प्रशासन के सामने केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना ही चुनौती नहीं है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने की भी जिम्मेदारी है। अधिकारियों की कोशिश रहेगी कि श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से मंदिरों तक पहुंचाया जाए और भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए।
मथुरा में जन्माष्टमी का आयोजन देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। ऐसे में इस बार 129 बैरियर, 24 पार्किंग जोन, रूट डायवर्जन और ड्रोन निगरानी के जरिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने की तैयारी की गई है।
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