
सार
भरत रावत| झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने मंगलवार को डबरा रेलवे स्टेशन का वार्षिक एवं प्रगति निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधार और निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने प्रमुख ट्रेनों के डबरा में ठहराव की मांग भी DRM के सामने रखी।
विस्तार
डबरा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता परखने के लिए झांसी मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनिरुद्ध कुमार मंगलवार को स्टेशन पहुंचे। उन्होंने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग एरिया और निर्माणाधीन हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे स्टेशन के कायाकल्प कार्यों की प्रगति की जानकारी उन्होंने स्थानीय रेल अधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदारों से ली।
निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थाओं और कार्यों में कमियां सामने आने पर DRM ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक सुधार तत्काल कराने और कार्यों की निगरानी जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा किया जाना चाहिए।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत डबरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें भव्य प्रवेश द्वार, विकसित सर्कुलेटिंग एरिया, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, टॉयलेट ब्लॉक, बेहतर शेड, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और पेयजल सुविधाएं शामिल हैं। योजना का व्यापक उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करना और यात्रियों के आवागमन को बेहतर बनाना है।
DRM ने स्टेशन की साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और काम की प्रगति की नियमित निगरानी करने को कहा, ताकि यात्रियों को निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी सहित प्रमुख ट्रेनों के डबरा स्टेशन पर ठहराव की मांग DRM के सामने रखी। इस पर अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि किसी ट्रेन के ठहराव से पहले स्थानीय यात्रियों की आवश्यकता, यात्री संख्या, टिकट बिक्री और अन्य संबंधित पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। इसके बाद मंडल स्तर से प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाता है और अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड के निर्धारित नियमों के अनुसार होता है।
DRM ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय रेल अधिकारियों से स्टेशन की व्यवस्थाओं और चल रहे कार्यों की जानकारी ली। जहां कमियां मिलीं, वहां सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान झांसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, स्टेशन प्रबंधक, RPF/GRP अधिकारी और निर्माण शाखा के अभियंता मौजूद रहे।
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