
भिंड/ रामपाल कुशवाह: जिला मुख्यालय के डॉक्टर लेन स्थित श्रीजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती कराई गई 29 वर्षीय प्रसूता मोहिनी कुशवाह की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों और कुशवाह समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार को परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया।
प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
परिजनों के मुताबिक भवानीपुरा रोड निवासी मोहिनी कुशवाह, पत्नी धीरेंद्र कुशवाह, को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर डॉक्टर लेन स्थित श्रीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ बताया और इसके बाद दवाइयां व ड्रिप दी गई।
परिजनों के अनुसार दिनभर अस्पताल का स्टाफ सामान्य प्रसव होने की बात कहता रहा। लेकिन रात करीब 8 बजे अचानक उन्हें बताया गया कि प्रसूता का सीजर ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके बाद महिला की हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
ग्वालियर पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
परिजन मोहिनी को लेकर ग्वालियर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। इसके बाद परिजन शव लेकर भिंड पहुंचे और श्रीजी अस्पताल के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान कोई योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ मौजूद नहीं था और नर्सिंग स्टाफ के भरोसे ही उपचार किया जा रहा था। परिजनों ने गलत दवा देने और समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने को महिला की मौत की वजह बताया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हंगामे के बाद प्रशासन ने अस्पताल किया सील
प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए भिंड एसडीएम अखिलेश शर्मा के निर्देश पर श्रीजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल को सील कर दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोष पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
निजी अस्पतालों की जांच की मांग
घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने भिंड जिले में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अस्पतालों में योग्य डॉक्टर, प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
परिजनों ने अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और डॉक्टर लेन समेत जिले के निजी अस्पतालों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही के कारण किसी दूसरे परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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