
आदि मिश्रा | AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में UCC के खिलाफ जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ, धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए UCC पर सवाल उठाए।
सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में जुटी भीड़
AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे, जहां उन्होंने समान नागरिक संहिता यानी UCC के विरोध में जनसभा को संबोधित किया। सभा का आयोजन पुराने भोपाल स्थित मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अपने संबोधन में ओवैसी ने UCC को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। उन्होंने कहा कि भारत की सामाजिक और धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग समुदायों की परंपराओं और व्यक्तिगत कानूनों को समझना जरूरी है। ओवैसी ने आदिवासी समुदाय को UCC से अलग रखने के मुद्दे का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि यदि आदिवासियों की परंपराओं और रीति-रिवाजों को देखते हुए उन्हें अलग रखा जा सकता है, तो मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानूनों पर भी विचार क्यों नहीं किया जा रहा।
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संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का दिया हवाला
ओवैसी ने अपने भाषण में संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि UCC धार्मिक स्वतंत्रता और समुदायों की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता समाप्त करके ऐसा कानून लागू नहीं किया जा सकता।
ओवैसी ने हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट और दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण से जुड़े कानूनों का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि UCC के जरिए गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू पर्सनल लॉ के प्रावधान लागू करने की कोशिश की जा रही है। यह उनके भाषण में व्यक्त राजनीतिक और कानूनी तर्क था; UCC को लेकर देश में अलग-अलग राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण मौजूद हैं।
NDA सहयोगियों से UCC पर रुख स्पष्ट करने की अपील
ओवैसी ने NDA में शामिल उन दलों से भी UCC पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की, जिनकी इस मुद्दे पर BJP से अलग राय है। उन्होंने TDP, JD(U), चिराग पासवान और अन्य NDA सहयोगियों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वैचारिक मतभेद हैं, तो उन्हें UCC पर अपनी स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और अलग-अलग समुदायों की परंपराओं से जुड़ी है। UCC को लेकर ओवैसी की यह सभा ऐसे समय हुई है, जब केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों में समान नागरिक संहिता को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। उत्तराखंड में UCC लागू हो चुका है, जबकि मध्य प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों में इससे जुड़े विधायी कदमों पर चर्चा जारी है।
भोपाल की सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने UCC के खिलाफ अपनी पार्टी का रुख दोहराया। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता, मुस्लिम पर्सनल लॉ और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की UCC नीति पर सवाल किए। साथ ही NDA सहयोगी दलों से भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील की।
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