
भोपाल। मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की मंत्री से मुलाकात को लेकर नया निर्देश जारी किया गया है। अब विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मिलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी होगी। विभाग की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के मंत्री से सीधे मिलने को लेकर दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
बिना अनुमति नहीं हो सकेगी मंत्री से मुलाकात
विभाग की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्री से मिलने के लिए पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विभागीय अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति के मंत्री से मुलाकात नहीं कर सकेंगे।
बताया गया है कि यह व्यवस्था विभागीय कामकाज को व्यवस्थित करने और अधिकारियों-कर्मचारियों की मंत्री से होने वाली मुलाकातों के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
मुलाकात के लिए तय होगी प्रक्रिया
नए निर्देश के बाद अब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्री से मिलने के लिए पहले संबंधित स्तर से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके बाद ही वे मंत्री से मुलाकात कर सकेंगे।
विभागीय आदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि इससे मंत्री कार्यालय में होने वाली मुलाकातों को लेकर एक निर्धारित व्यवस्था लागू होगी।
विभागीय कामकाज पर भी जोर
जल संसाधन विभाग में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न स्तरों पर काम करते हैं। ऐसे में मंत्री से मिलने के लिए अनुमति की व्यवस्था लागू होने के बाद विभागीय कार्यों और मुलाकातों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संचालित किया जा सकेगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। बिना अनुमति मंत्री से मुलाकात करने की स्थिति में संबंधित निर्देशों का उल्लंघन माना जा सकता है।
आदेश के बाद विभाग में चर्चा
जल संसाधन विभाग में मंत्री से मिलने के लिए अनुमति अनिवार्य किए जाने का आदेश सामने आने के बाद यह व्यवस्था विभागीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्री से किसी विषय पर मुलाकात के लिए पहले अनुमति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
फिलहाल विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार ही अधिकारियों और कर्मचारियों की मंत्री से मुलाकातें निर्धारित की जाएंगी।






