
आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। पिथौरागढ़ प्रशासन रविवार से ऑनलाइन इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। हालांकि परमिट रोजाना सुबह मौसम और मार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद ही जारी किए जाएंगे। कुलागाड़ में बीआरओ ने बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया है, जिससे यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान हो गई है।
रविवार से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र से आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब परमिट लेने की प्रक्रिया आसान होने जा रही है। प्रशासन के अनुसार रविवार से ऑनलाइन इनर लाइन परमिट जारी किए जाएंगे। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
अभी तक कुछ यात्रियों को ऑफलाइन परमिट जारी किए जा रहे थे। साथ ही मार्ग की स्थिति के कारण यात्री अपने वाहनों से आदि कैलास और ओम पर्वत तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहे थे। ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद यात्रियों को परमिट के लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलेगी।
मौसम देखकर ही जारी होगा परमिट
ऑनलाइन आवेदन शुरू होने के बावजूद यात्रा को लेकर प्रशासन ने मौसम की स्थिति को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल करीब एक पखवाड़े तक प्रतिदिन सुबह मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही उस दिन के लिए परमिट जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।
पिथौरागढ़ में हाल के दिनों में बारिश, भूस्खलन और सड़क बाधित होने की स्थिति के कारण यात्रा प्रभावित हुई थी। इससे पहले प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी स्थगित की थी। 20 सितंबर से प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन मौसम और सड़क की स्थिति अनुकूल रहना जरूरी रखा गया था।
कुलागाड़ में बेली ब्रिज तैयार
यात्रा मार्ग की एक बड़ी समस्या कुलागाड़ में बेली ब्रिज को लेकर थी। सीमा सड़क संगठन यानी BRO ने कुलागाड़ में बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया है। पुल तैयार होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर से सुचारू होने की उम्मीद है।
इससे पहले पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण धारचूला-गुंजी मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई थी। अधिकारियों ने बताया था कि पुल को दोबारा तैयार करने का काम किया जा रहा था और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी की गई थी।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
प्रशासन और स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि ऑनलाइन परमिट व्यवस्था और कुलागाड़ पुल के तैयार होने के बाद आदि कैलास क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।
इस साल यात्रा के पहले चरण में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलास और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। वहीं एक अन्य आधिकारिक आंकड़े के अनुसार मई में यात्रा शुरू होने के बाद दो महीने के भीतर 52,441 श्रद्धालुओं ने आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा की थी।
फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे अहम बात यही है कि ऑनलाइन परमिट की सुविधा शुरू होने के बावजूद यात्रा पूरी तरह मौसम और सड़क की स्थिति पर निर्भर रहेगी। प्रशासन रोजाना परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही परमिट जारी करेगा।
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