
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रचार से दूरी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाया है। हुमायूं कबीर ने कहा कि वह अपने बेटे और पार्टी प्रत्याशी गुलाम नबी आजाद के लिए भी प्रचार नहीं करेंगे। बाद में पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि गुलाम नबी आजाद चुनाव प्रचार में नहीं उतरेंगे और पार्टी जनता के फैसले को स्वीकार करेगी। रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
बेटे के लिए प्रचार नहीं करेंगे हुमायूं कबीर
रेजीनगर उपचुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने अचानक चुनाव प्रचार से दूरी बनाने का फैसला किया है। रेजीनगर सीट से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद पार्टी के प्रत्याशी हैं। हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि जिन लोगों से वह चुनाव प्रचार के दौरान मिल रहे हैं, उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार या धमकाया जा रहा है।
हुमायूं कबीर के मुताबिक, इसी वजह से उन्होंने सड़क पर उतरकर प्रचार नहीं करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाएंगे।
25 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का दावा
हुमायूं कबीर ने दावा किया कि उनकी पार्टी के करीब 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, ये आरोप हुमायूं कबीर की ओर से लगाए गए हैं और इन दावों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
इस बीच उपचुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारियों की भी रिपोर्ट सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच पार्टी से जुड़े कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बेटे गुलाम नबी आजाद भी नहीं करेंगे प्रचार
हुमायूं कबीर के प्रचार से हटने के ऐलान के कुछ समय बाद पार्टी ने अपने प्रत्याशी गुलाम नबी आजाद को लेकर भी फैसला किया। पार्टी के मुताबिक, गुलाम नबी आजाद भी चुनाव प्रचार के लिए मैदान में नहीं उतरेंगे।
हुमायूं कबीर ने कहा कि अब पार्टी को अलग से चुनाव प्रचार करने की जरूरत नहीं है और वह जनता के फैसले को स्वीकार करेंगे। वहीं, पार्टी सोशल मीडिया के जरिए अपना संदेश मतदाताओं तक पहुंचाने की बात कह रही है।
चार महीने पहले ही जीते थे रेजीनगर
रेजीनगर सीट का यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2026 के विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने यहां जीत दर्ज की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने रेजीनगर सीट पर 58,876 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने नाओदा सीट से भी चुनाव जीता था। बाद में उन्होंने नाओदा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर सीट खाली कर दी, जिसके बाद यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
अब इसी सीट से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद चुनाव मैदान में हैं। उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
रेजीनगर उपचुनाव से पहले क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी का नामांकन वापस लेने और फिर अपना फैसला बदलने का मामला भी सामने आया। उन्होंने बाद में चुनाव मैदान में बने रहने का फैसला किया और प्रचार शुरू किया।
दूसरी ओर हुमायूं कबीर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रचार से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि मतदान के दिन वह मैदान में मौजूद रहेंगे। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बनाए रखा जाएगा।
फिलहाल रेजीनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर और उनके बेटे का प्रचार से हटना चुनावी समीकरणों से जुड़ी एक अहम घटना के रूप में सामने आया है। प्रशासन और पुलिस की ओर से हुमायूं कबीर के लगाए गए आरोपों पर इस रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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