
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के कार्यकाल में ढाका अपनी विदेश नीति को अधिक विविध बनाने की कोशिश कर रहा है। चीन, BRICS और भारत के साथ रिश्ते इस रणनीति के अहम हिस्से हैं।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सत्ता संभालने के बाद देश की विदेश नीति में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। फरवरी 2026 में सरकार बनने के बाद ढाका ने भारत के साथ संबंधों के साथ-साथ चीन, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों के साथ भी संपर्क बढ़ाया है। विश्लेषणों के मुताबिक, इसे किसी एक देश की ओर पूरी तरह झुकाव के बजाय बांग्लादेश के कूटनीतिक विकल्प बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
चीन और BRICS पर बढ़ा फोकस
तारिक रहमान ने जून 2026 में चीन की यात्रा की थी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा थी। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई समझौते और सहमति बनी। चीन ने बांग्लादेश के BRICS और शंघाई सहयोग संगठन से जुड़ने के प्रयासों को समर्थन देने की बात भी कही।
बांग्लादेश की BRICS में दिलचस्पी नई नहीं है। जून में बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने रूस से BRICS और SCO में शामिल होने के लिए समर्थन मांगा था। वहीं सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तारिक रहमान की मौजूदगी पर स्थिति चर्चा में रही। भारत ने उन्हें BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर BRICS आउटरीच कार्यक्रम में आमंत्रित किया था।
भारत के विदेश मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि तारिक रहमान को भारत की ओर से दो अलग-अलग निमंत्रण मिले थे—एक द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा BIMSTEC अध्यक्ष के रूप में BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए।
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भारत के साथ रिश्ते और ‘Bangladesh First’ नीति
तारिक रहमान सरकार की विदेश नीति में भारत के साथ संबंध भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद कायम हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में मौजूदगी और उनके प्रत्यर्पण की बांग्लादेश की मांग प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
विश्लेषकों के अनुसार, ढाका की मौजूदा रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू अलग-अलग देशों के साथ संबंधों को बढ़ाना है। चीन के साथ नजदीकी के बावजूद बांग्लादेश ने भारत, सऊदी अरब, तुर्की और अन्य देशों के साथ भी संपर्क जारी रखा है। इसलिए इसे सीधे तौर पर किसी एक खेमे में जाने के बजाय विदेश नीति में विकल्प बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी जारी है। दोनों देश तारिक रहमान की भारत यात्रा के लिए नवंबर 2026 की संभावित तारीखों पर चर्चा कर रहे हैं।
तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की विदेश नीति में विविधता लाने की कोशिश स्पष्ट दिखाई देती है। BRICS, चीन और अन्य देशों के साथ बढ़ता संपर्क इसी रणनीति का हिस्सा है। वहीं भारत के साथ संबंधों को लेकर बातचीत भी जारी है। आने वाले महीनों में इन कूटनीतिक कदमों से ढाका की विदेश नीति की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।
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