
उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुक्रवार से पांच दिवसीय हाथी महोत्सव शुरू हुआ। इस दौरान पार्क के 15 हाथियों को काम से पूरी तरह आराम दिया जा रहा है। हाथियों को फल, नारियल और गन्ना खिलाने के साथ स्नान कराया जा रहा है और शुद्ध घी से मालिश की जा रही है। महोत्सव की शुरुआत हाथियों की पूजा-अर्चना और फल खिलाकर की गई।
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव की शुरुआत
उमरिया जिले के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुक्रवार से पांच दिवसीय हाथी महोत्सव की शुरुआत हो गई। जंगल की गश्त, रेस्क्यू ऑपरेशन और अन्य महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण कार्यों में पूरे साल जुटे रहने वाले पार्क के हाथियों के लिए यह महोत्सव आराम और खास देखभाल का समय लेकर आया है। पांच दिनों तक हाथियों से किसी भी तरह का काम नहीं कराया जाएगा और उनके खान-पान से लेकर स्वास्थ्य तक का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 15 हाथियों को विशेष रूप से आराम दिया जा रहा है। सामान्य दिनों में ये हाथी जंगल में गश्त करने, रेस्क्यू ऑपरेशन और वन विभाग के दूसरे जरूरी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार जिम्मेदारियों में जुटे रहने वाले इन गजराजों के लिए पांच दिन पूरी तरह आराम और सेवा के नाम रहेंगे।
गन्ना, फल और नारियल से होगी खातिरदारी
हाथी महोत्सव में गजानन के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है। हाथियों को उनकी पसंद के अनुसार फल, नारियल और सबसे प्रिय भोजन गन्ना खिलाया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें नियमित रूप से स्नान कराया जा रहा है। शारीरिक आराम के साथ उनकी अच्छी देखभाल के लिए शुद्ध घी से मालिश भी की जा रही है।
महावत पूरे समय हाथियों के साथ रहकर उनकी देखभाल में जुटे हैं। उनके भोजन, स्वास्थ्य और आराम का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ऐसे में हाथियों के लिए यह पांच दिन किसी छुट्टी और पिकनिक से कम नहीं हैं।
पूजा-अर्चना के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ
हाथी महोत्सव की शुरुआत धार्मिक परंपरा के अनुसार हाथियों की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। भगवान गणेश के स्वरूप माने जाने वाले गजानन को पूजा के बाद फल खिलाए गए। इस अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी और जिले के कई अधिकारी मौजूद रहे।
महोत्सव के दौरान हाथियों को सम्मान देने के साथ उनके प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया जा रहा है। वन विभाग के लिए ये हाथी केवल जंगल में काम करने वाले पशु नहीं हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और रेस्क्यू गतिविधियों में महत्वपूर्ण सहयोगी हैं।
स्थानीय लोगों में भी उत्साह
बांधवगढ़ में आयोजित होने वाले इस अनोखे हाथी महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह रहता है। पार्क प्रबंधन की ओर से इस अवसर पर मुख्य द्वार खोलकर लोगों को महोत्सव की गतिविधियां देखने का अवसर दिया जाता है।
लोग हाथियों को करीब से फल और गन्ना खाते हुए तथा उनकी सेवा होते देख सकते हैं। हाथियों के साथ महावतों का जुड़ाव और उनकी देखभाल का तरीका भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है।
संरक्षण और संवेदनशीलता का संदेश
बांधवगढ़ का हाथी महोत्सव केवल उत्सव तक सीमित नहीं है। इसके जरिए वन्यजीवों की देखभाल और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार का संदेश भी दिया जाता है। जंगल में लगातार काम करने वाले हाथियों को आराम देना और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना वन विभाग की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पांच दिन तक भरपूर भोजन, स्नान, मालिश और आराम के बाद हाथी फिर अपने नियमित काम पर लौटेंगे। वे दोबारा जंगल की गश्त, रेस्क्यू ऑपरेशन और अन्य वन विभागीय कार्यों में अपनी भूमिका निभाएंगे।
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