
एक बड़े जिले के युवा एसपी साहब इन दिनों अपनी बदली हुई कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि साहब ने अचानक जनप्रतिनिधियों के फोन उठाना लगभग बंद कर दिया है। क्षेत्र के एक तेजतर्रार सांसद ने पिछले दिनों साहब को लगातार करीब दस बार कॉल किया, लेकिन इनमें से एक भी कॉल रिसीव नहीं हुई। यही नहीं, साहब के ऑफिस में बैठने का सिलसिला भी अब पहले जैसा नहीं रहा। साहब की इस बदली हुई कार्यशैली के पीछे की वजह जानने की कोशिश की गई तो एक अलग ही कहानी सामने आई।
सूत्रों के मुताबिक, साहब ने हाल ही में पुलिस मुख्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात कर कभी नक्सल प्रभावित रहे जिले में पदस्थापना की इच्छा जताई है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में उन्हें सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। इसके बाद अब साहब को शायद मौजूदा जिले की जिम्मेदारियों से ज्यादा अपनी अगली पोस्टिंग की चिंता सता रही है। इसी वजह से उनकी कार्यशैली में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
खबर के मुताबिक, यही वजह है कि उन्होंने अचानक फोन और ऑफिस—दोनों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। जनप्रतिनिधियों के लगातार फोन के बावजूद उन्हें रिसीव नहीं करना और ऑफिस में पहले की तरह नहीं बैठना इसी बदली हुई कार्यशैली का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं कभी नक्सल प्रभावित रहे जिले में पदस्थापना की इच्छा और पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारी से हुई मुलाकात को उनकी अगली पोस्टिंग की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
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