बागेश्वर धाम में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार, कैंसर अस्पताल के निर्माण से पलायन घटने का दावा

छतरपुर, 6 अक्टूबर 2026। बागेश्वर धाम में निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल अब स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को लेकर भी चर्चा में है। धाम प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार, अस्पताल के निर्माण कार्य में आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल रहा है और काम की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम हुई है।

बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर अस्पताल की आधारभूत संरचना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अस्पताल परियोजना का शिलान्यास फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक परियोजना के पहले चरण में 100 बिस्तरों की सुविधा विकसित करने की योजना है।

निर्माण कार्य में आसपास के ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार

अस्पताल निर्माण में आसपास के गांवों के श्रमिकों के काम करने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक 250 से अधिक ग्रामीण परिवारों की आय का जरिया उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध होने का दावा किया गया है। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से इन परिवारों को रोजी-रोटी के लिए दूसरे शहरों और राज्यों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।

अस्पताल परियोजना से जुड़े आधिकारिक विवरण के अनुसार यह निर्माण छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में हो रहा है। परियोजना का उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है। पहले चरण में 100 बेड की सुविधा प्रस्तावित है।

निर्माण गतिविधियों के साथ श्रमिकों, परिवहन, सामग्री आपूर्ति और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी काम के अवसर बनने की संभावना है। हालांकि रोजगार के कुल अवसरों और स्थानीय श्रमिकों की संख्या को लेकर विस्तृत आधिकारिक आंकड़े अलग से उपलब्ध नहीं हैं।

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बागेश्वर महाराज ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण

रिपोर्ट के अनुसार, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति देखी और वहां काम कर रहे श्रमिकों से बातचीत भी की।

इस दौरान स्थानीय लोगों को मिल रहे रोजगार को लेकर उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में काम मिलने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूती मिल सकती है। उनका कहना है कि रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम होने से लोग अपने परिवार के साथ रहकर आजीविका चला पा रहे हैं।

बागेश्वर धाम की ओर से कैंसर अस्पताल को सेवा परियोजना के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक अस्पताल का लक्ष्य जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है। परियोजना के लिए 100 बिस्तरों वाले पहले चरण की योजना बताई गई है।

स्वास्थ्य के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। परियोजना के आधिकारिक विवरण में कैंसर उपचार के साथ अन्य चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की भी योजना बताई गई है।

फिलहाल निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का एक अवसर बना है। यदि निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी आगे भी जारी रहती है, तो इसका असर क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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Srota Swati Tripathy

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