
राजधानी में करीब 50 IAS, IPS और IRS अफसरों ने मिलकर जमीन खरीदी थी। इरादा था अपनी बिरादरी के लिए एक शानदार कॉलोनी बसाने का, लेकिन जमीन पर प्लॉट कटने के बाद भी विकास की गाड़ी आगे नहीं बढ़ पाई। सड़क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार लंबा होता गया। नतीजा यह हुआ कि अफसरों की अपनी कॉलोनी ही विकास की बाट जोहती रह गई। इस सबसे ज्यादा परेशान थीं एक युवा IAS मैडम। मैडम को जब भी मौका मिलता, अफसरों के WhatsApp ग्रुप में अपनी नाराजगी जाहिर कर देतीं। कभी कॉलोनी के विकास को लेकर सवाल उठते, तो कभी अपनी ही बिरादरी के बड़े अफसरों को खरी-खोटी सुननी पड़ती।
बात यहीं तक सीमित नहीं थी। मैडम अपने लगाए हुए पैसे वापस मांगने में भी पीछे नहीं रहती थीं। आखिरकार रिटायर्ड IPS ने बीच का रास्ता निकाला और मैडम का प्लॉट खरीद लिया। इससे उनकी लगाई रकम वापस हो गई और विवाद भी शांत पड़ गया। कॉलोनी के विकास को लेकर जो सवाल उठ रहे थे, वे अपनी जगह बने रहे, लेकिन मैडम की नाराजगी की वजह से अफसरों के WhatsApp ग्रुप में होने वाली चर्चा का एक बड़ा मुद्दा खत्म हो गया।
आखिरकार प्लॉट के पैसे लौटने के बाद मैडम का गुस्सा शांत हुआ। खबर का मूल घटनाक्रम यही है कि अफसरों की बिरादरी के लिए बसाई जा रही कॉलोनी में विकास की रफ्तार धीमी रही और एक युवा IAS मैडम ने इस मुद्दे पर बार-बार नाराजगी जताई। प्लॉट की रकम लौटने के बाद मामला शांत हुआ। न प्लॉट का झंझट, न रुपये फंसने की चिंता और न WhatsApp पर महाभारत!
- ias-madam-plot-money-refund-colony-development








