
रतलाम जिले में बिजली के पोल पर काम कर रहे एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी विद्युत लाइन में सुधार कार्य के लिए पोल पर चढ़ा था। इसी दौरान अचानक करंट की चपेट में आने से हादसा हो गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और मामले को लेकर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बिजली पोल पर काम करते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक कर्मचारी बिजली लाइन में सुधार या रखरखाव का काम कर रहा था। इसी दौरान पोल पर काम करते समय अचानक विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गया। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग और संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उसे नीचे उतारकर उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
आउटसोर्स कर्मचारी की मौत से परिवार में मातम
हादसे में कर्मचारी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का कहना है कि बिजली के काम में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है और कर्मचारियों को काम शुरू करने से पहले बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद होने की पुष्टि जरूरी है।
बिजली पोल और हाईटेंशन लाइन से जुड़े काम में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने पर गंभीर हादसे हो सकते हैं। रतलाम में इससे पहले भी आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों के पोल पर काम करने के दौरान करंट की चपेट में आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
यह भी पढ़े: Navratri 2026 दूसरा दिन, आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें शुभ रंग, भोग, मंत्र और पूजा विधि
हादसे के बाद जांच पर नजर
घटना के बाद अब यह जांच का विषय है कि कर्मचारी किस अनुमति के तहत पोल पर काम कर रहा था और उस समय बिजली सप्लाई की स्थिति क्या थी। यह भी देखा जाएगा कि काम के दौरान सुरक्षा उपकरण और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
रतलाम में बिजली वितरण व्यवस्था मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आती है। फिलहाल हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर्मचारी की मौत किस वजह से हुई और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही थी या नहीं।
रतलाम में बिजली पोल पर काम करते समय आउटसोर्स कर्मचारी की मौत ने एक बार फिर विद्युत कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे काम के दौरान बिजली सप्लाई, शटडाउन प्रक्रिया और सुरक्षा उपकरणों की सख्ती से निगरानी जरूरी है। मामले में जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
- ratlam-mpeb-outsourced-worker-electric-pole-current-death








