इंदौर में बच्चों ने रंगों से दिया अहिंसा का संदेश, 500 से ज्यादा ने लिया हिस्सा

इंदौर में स्कूली बच्चों ने रंगों और कैनवास के जरिए अहिंसा, शांति और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। जैन सोशल ग्रुप (अहिल्या) और द डायसपार्क स्कूल की ओर से ‘अहिंसा रंग’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें शहर के अलग-अलग स्कूलों के 500 से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति के साथ सामाजिक संदेशों को चित्रों में उतारा।

बच्चों ने चित्रों में दिखाया शांति और अहिंसा का संदेश

प्रतियोगिता में पहली से तीसरी और दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। बच्चों ने कैनवास पर अलग-अलग रंगों के माध्यम से अहिंसा और शांति की अपनी कल्पना को प्रस्तुत किया।

किसी बच्चे ने कबूतर को शांति और अहिंसा के प्रतीक के तौर पर चित्रित किया, तो किसी ने भगवान गौतम बुद्ध की तस्वीर के जरिए संदेश देने की कोशिश की। आयोजकों का उद्देश्य बच्चों को सामाजिक मूल्यों से जोड़ना और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देना था।

एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई

चित्रकला प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए कुल एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई थी। अलग-अलग श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार के तौर पर 11 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 5 हजार और तृतीय पुरस्कार के लिए 3 हजार रुपये निर्धारित किए गए थे।

ग्रुप ए में दिविजा पालरेचा ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। ग्रुप बी में विधि चौधरी और ग्रुप सी में शरीन को पहला स्थान मिला। इसके अलावा प्रतियोगिता में 10 सांत्वना पुरस्कार भी रखे गए थे।

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सांसद शंकर लालवानी रहे मुख्य अतिथि

कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर प्रतिभा होती है, लेकिन उसे निखारने के लिए सही अवसर जरूरी है। उनके अनुसार, इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देती हैं और उन्हें आगे बढ़ने की दिशा भी प्रदान करती हैं।

रचनात्मकता के साथ सामाजिक संदेश देने की कोशिश

‘अहिंसा रंग’ जैसी प्रतियोगिताओं में बच्चों की कला के साथ सामाजिक सोच भी सामने आती है। चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह बताने की कोशिश की कि शांति, अहिंसा और मानवीय संवेदनाएं समाज के लिए कितनी जरूरी हैं।

ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने के साथ सामाजिक और मानवीय मूल्यों को समझने का अवसर भी मिलता है।

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Srota Swati Tripathy

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