
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार, 19 अक्टूबर को उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल बने डॉ. बिसेन
डॉ. ढाल सिंह बिसेन उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल बने हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया है। राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति आदेश में कहा गया था कि नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। वह पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे हैं। उन्होंने 1990 से मध्य प्रदेश की सक्रिय राजनीति में कदम रखा और चार बार विधानसभा सदस्य चुने गए। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
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बालाघाट से लोकसभा सांसद भी रहे
डॉ. बिसेन ने 2019 में लोकसभा चुनाव जीतकर संसदीय राजनीति में प्रवेश किया और बालाघाट से 17वीं लोकसभा के सदस्य रहे। इससे पहले वह 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे। लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के चलते उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिसेन के लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का लाभ उत्तराखंड को मिलेगा। नए राज्यपाल ने भी देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे डॉ. ढाल सिंह बिसेन अब उत्तराखंड के संवैधानिक प्रमुख की भूमिका निभाएंगे। विधायक, मंत्री, वित्त आयोग के अध्यक्ष और सांसद के रूप में उनका अनुभव अब राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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