
सीहोर। भैरूंदा क्षेत्र में नर्मदा नदी से रेत उत्खनन की गतिविधियों के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन जब्त की। जब्त उपकरणों को गोपालपुर थाने की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
तीन क्षेत्रों में खनिज विभाग की कार्रवाई
खनिज विभाग ने भैरूंदा क्षेत्र के छिपानेर, रानीपुरा और चौरसाखेड़ी में रेत उत्खनन से जुड़े उपकरणों के खिलाफ कार्रवाई की। विभाग के मुताबिक, मौके से रेत निकालने में इस्तेमाल होने वाले 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन जब्त की गई। एक साथ बड़ी संख्या में उपकरणों की जब्ती से क्षेत्र में रेत उत्खनन को लेकर चल रही गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
स्थानीय स्तर पर भी इन क्षेत्रों में नर्मदा से रेत निकाले जाने को लेकर शिकायतें और आरोप सामने आते रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में आसपास के कुछ गांवों के ग्रामीणों ने नदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उत्खनन का आरोप लगाया है। हालांकि, ऐसे आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर ही हो सकेगी।
15 उपकरण गोपालपुर थाने को सौंपे
कार्रवाई में कुल 15 उपकरण जब्त किए गए हैं। इनमें 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी मशीन शामिल है। खनिज विभाग ने जब्त सामग्री को गोपालपुर पुलिस थाने की अभिरक्षा में रखवाया है। माइनिंग अधिकारी राजकुमार बराठे के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में रेत उत्खनन की गतिविधियों को लेकर यह कार्रवाई की गई।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह जब्त उपकरणों के संबंध में दर्ज प्रकरणों और संभावित अर्थदंड की विस्तृत जानकारी भी सामने नहीं आई है। आगे की वैधानिक प्रक्रिया जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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नर्मदा में रेत उत्खनन को लेकर लगातार उठ रहे सवाल
नर्मदा नदी से रेत उत्खनन को लेकर सीहोर जिले में पहले भी कार्रवाई होती रही है। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 से 2025-26 के बीच अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के सैकड़ों प्रकरण दर्ज किए गए थे। इन कार्रवाइयों में नाव-इंजन और पनडुब्बियों समेत कई उपकरण जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
नदी से नियमों के विपरीत रेत उत्खनन को लेकर पर्यावरण और नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर असर की चिंता भी जताई जाती रही है। ऐसे में नियमित निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्रवाई के बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया पर नजर
खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद अब जब्त उपकरणों से संबंधित जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल 14 नाव-इंजन और एक पनडुब्बी की जब्ती से भैरूंदा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का संकेत मिला है। अब चुनौती यह है कि कार्रवाई के बाद भी नर्मदा के संबंधित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनी रहे और नियमों के विरुद्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सके।
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