
रामनगर, मैहर। रामनगर क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। देवरामोल्हाई ग्राम पंचायत क्षेत्र में बरदहा मुक्तिधाम के पास रात के समय जेसीबी और डंपरों के जरिए उत्खनन किए जाने का आरोप स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने लगाया है। बताया जा रहा है कि यह स्थान रामनगर अनुविभागीय कार्यालय से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।
रात में जेसीबी और डंपरों से उत्खनन का आरोप
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बरदहा मुक्तिधाम के आसपास रात करीब 8:30 बजे के बाद जेसीबी और डंपरों की गतिविधियां देखी गईं। आरोप है कि नदी के आसपास के क्षेत्र से खनिज का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित गतिविधि के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन या खनिज विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा था या नियमों का उल्लंघन किया गया।
जनप्रतिनिधि की मशीनों पर भी लगाए आरोप
मामले में स्थानीय लोगों ने गोविंदपुर के सरपंच रमाशंकर चतुर्वेदी की जेसीबी और डंपरों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। आरोप है कि इन्हीं मशीनों के जरिए क्षेत्र में उत्खनन किया जा रहा है।
इन आरोपों पर संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों को फिलहाल दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। प्रशासनिक जांच के बाद ही मशीनों के स्वामित्व और उनके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रामनगर अनुविभागीय अधिकारी एसपी मिश्रा और तहसीलदार अनामिका सिंह को दी गई। तहसीलदार ने खनिज विभाग को मामले की जानकारी दिए जाने की बात कही और कहा कि मामले को दिखवाया जाएगा।
वहीं, खनिज निरीक्षक आशुतोष मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकार की ओर से दो बार फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके चलते खनिज विभाग की ओर से मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
जांच के बाद ही साफ होगी उत्खनन की स्थिति
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में बिना अनुमति खनन या खनिज परिवहन हो रहा है तो संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है।
अब प्रशासन और खनिज विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि मौके पर वास्तव में किस प्रकार का उत्खनन किया जा रहा था, क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी और जेसीबी-डंपरों का इस्तेमाल नियमों के अनुरूप था या नहीं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
रामनगर के देवरामोल्हाई क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब प्रशासनिक जांच और मौके की कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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