
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बैगा समाज की एक छात्रा को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान रोके जाने का मामला सामने आया है। छात्रा ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है और अपनी पढ़ाई में आ रही आर्थिक चुनौतियों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से बात करना चाहती थी। हालाँकि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते उसे मंच तक पहुंचने की अनुमति नहीं मिली।
बताया जा रहा है कि यह छात्रा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है और बैगा समुदाय से होने के कारण उसका परिवार आजीविका के लिए पूरी तरह जंगल आधारित संसाधनों पर निर्भर है। लड़की ने कहा कि उसके परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि मेडिकल की पढ़ाई का खर्च उठा सके। इसी वजह से वह मुख्यमंत्री के सामने अपने सपने और समस्याओं को रखना चाहती थी।
घटना पर चर्चा बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से जानकारी मांगी और छात्रा की आगे की पढ़ाई को लेकर मदद देने का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए तैयार है, खासकर उन समुदायों को जो सामाजिक रूप से पिछड़े हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को जनजातीय बच्चों के सपनों और उनकी शिक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। उनका कहना है कि बैगा जैसे विशेष पिछड़े जनजातियों के कई बच्चे क्षमता रखते हैं, लेकिन संसाधनों और अवसरों की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती बनी रहती है।
फिलहाल प्रशासन छात्रा के परिवार से संपर्क में है और उसके शिक्षा संबंधी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार की मदद से उसकी मेडिकल की पढ़ाई में आने वाली मुश्किलें कम होंगी।









