सचिवालय की चौखट पर दम तोड़ते स्टार्टअप: वल्लभ भवन के ‘पावरफुल’ IAS अफसरों को भाते हैं सिर्फ बड़े उद्योगपति?

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी का वल्लभ भवन (सचिवालय), जो प्रदेश की नीति निर्धारण का केंद्र है, आजकल छोटे व्यापारियों और उभरते हुए स्टार्टअप्स के लिए एक अभेद्य दुर्गबन गया है। शासन की फाइलों में भले ही स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की बातें हों, लेकिन धरातल पर कड़वी सच्चाई कुछ और ही है। आरोप लग रहे हैं कि वल्लभ भवन में बैठे रसूखदार IAS अधिकारी खुद को इतना शक्तिशाली मान बैठे हैं कि उन्हें छोटे उद्यमियों की समस्याएं सुनने तक का समय नहीं है।

सिंडिकेट और बड़े उद्योगपतियों का मोह

विश्वस्त सूत्रों और पीड़ित छोटे व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन के गलियारों में अब केवल बड़े नामोंकी ही सुनवाई होती है। IAS अधिकारियों का एक बड़ा वर्ग सीधे तौर पर बड़े बिजनेसमैन और कॉर्पोरेट घरानों से जुड़कर काम करने में अपनी शान समझता है। इन अधिकारियों के लाइजनर‘ (Liaisoners) भी इतने प्रभावशाली हैं कि वे छोटे उद्यमियों को दरवाजे तक फटकने नहीं देते।

स्टार्टअप्स के लिए नो एंट्रीजैसा माहौल

एक उभरते हुए स्टार्टअप फाउंडर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, हमें लगता था कि हमारी नई तकनीक और जज्बे को सरकार का साथ मिलेगा, लेकिन वल्लभ भवन के अफसरों के पास हमारे लिए वक्त ही नहीं है। उन्हें लगता है कि छोटे व्यापारियों के साथ काम करना उनके स्टेटस के खिलाफ है। वे केवल उन प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखाते हैं जहाँ करोड़ों-अरबों का लेन-देन और बड़े नाम जुड़े हों।”

अहंकार की दीवार और पावरका चश्मा

अधिकारियों के बीच व्याप्त यह सुपीरियरिटी कॉम्प्लेक्स‘ (श्रेष्ठता की भावना) प्रदेश के आर्थिक भविष्य के लिए घातक साबित हो रहा है। जब जिम्मेदार अधिकारी ही खुद को जनता और छोटे व्यापारियों से ऊपर समझने लगें, तो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस‘ (Ease of Doing Business) का नारा केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। छोटे व्यापारियों का मानना है कि अधिकारियों को यह गलतफहमी हो गई है कि वे ही व्यवस्था के मालिक हैं, जबकि वे वास्तव में जनता के सेवक हैं।

क्या होगा स्टार्टअप इकोसिस्टम का भविष्य?

अगर वल्लभ भवन की यही कार्यशैली रही, तो मध्य प्रदेश के प्रतिभावान युवा पलायन करने को मजबूर होंगे। यदि छोटे व्यापारियों की सुनवाई नहीं हुई और अधिकारियों ने केवल बड़े घरानों की जी-हजूरी जारी रखी, तो प्रदेश का स्टार्टअप ईकोसिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है।

  • gaurav singh rajput

    gaurav singh rajput

    Related Posts

    अशोकनगर में हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग का पर्दाफाश; युवती से वसूले 1.30 करोड़, चांदी की चप्पल पहनती थी मास्टरमाइंड

    अशोकनगर/आदित्य शंकर तिवारी: मध्य प्रदेश के अशोकनगर की 21…

    आगे पढ़ें
    मैडम’ के तेवर पड़े ढीले: हाई-लेवल शिकायत के बाद बदली प्रामोटी IAS की कार्यशैली, अनुशासन में निपटा रहीं काम।

    अफ़सरशाही के गलियारों में इन दिनों एक ‘प्रामोटी आईएएस’…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    असम में घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बोले-वादे शब्दों से नहीं, काम से पूरे होंगे

    असम में घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बोले-वादे शब्दों से नहीं, काम से पूरे होंगे

    नॉर्वे के अखबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ, पीएम मोदी को बताया दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता

    नॉर्वे के अखबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ, पीएम मोदी को बताया दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब CM भगवंत मान की मुलाकात, कृषि सुधार और किसान कल्याण पर हुई अहम चर्चा

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब CM भगवंत मान की मुलाकात, कृषि सुधार और किसान कल्याण पर हुई अहम चर्चा

    तमिलनाडु: बहुमत साबित करते ही विवादों में घिरी विजय सरकार, ज्योतिष की नियुक्ति का आदेश रद्द

    तमिलनाडु: बहुमत साबित करते ही विवादों में घिरी विजय सरकार, ज्योतिष की नियुक्ति का आदेश रद्द

    पुडुचेरी: एन. रंगासामी ने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ‘सिंगापुर’ जैसा विकास करने का वादा

    पुडुचेरी: एन. रंगासामी ने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ‘सिंगापुर’ जैसा विकास करने का वादा