सागर कलेक्टर संदीप जीआर की बढ़ी मुश्किलें: 25 लाख के निजी काम और बिल रोकने के गंभीर आरोप, क्या गिरेगी गाज?

सागर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों भारी हलचल है। अशोकनगर और सिंगरौली कलेक्टरों पर हुई हालिया कार्रवाई के बाद अब सागर कलेक्टर संदीप जीआर (Sagar Collector Sandeep GR) सीधे निशाने पर आ गए हैं। एक स्थानीय ठेकेदार ने कलेक्टर पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के सनसनीखेज आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है, जिसके बाद यह मामला अब हाई कोर्ट (High Court) तक पहुँच गया है।

ठेकेदार का बड़ा आरोप: “सरकारी फाइलें रोकीं और घर का काम भी मुफ्त कराया”

सागर के एक पीड़ित ठेकेदार ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया है। ठेकेदार का आरोप है कि कलेक्टर संदीप जीआर लंबे समय से उसके सरकारी बिल और जरूरी फाइलें दबाकर बैठे हैं।

ठेकेदार के मुताबिक:

●     निजी काम का भुगतान नहीं: कलेक्टर ने अपने आवास पर लगभग 25 लाख रुपये का काम करवाया, लेकिन जब भुगतान की बारी आई, तो हाथ खड़े कर दिए।

●     प्रताड़ना का आरोप: बिल पास करने के बदले मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

●     हाई कोर्ट की शरण: व्यवस्था से निराश होकर ठेकेदार ने अब न्याय के लिए माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। 

मुख्य सचिव के बयान ने बढ़ाई धड़कनें

इस विवाद के बीच मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) का एक कथित बयान आग में घी का काम कर रहा है। चर्चा है कि मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के हवाले से कहा है कि “कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।” इस कड़े रुख के बाद हाल ही में सिंगरौली और अशोकनगर के जिलाधिकारियों को हटाया गया है। अब सवाल यह है कि क्या अगला नंबर सागर का है?

क्या सागर कलेक्टर पर होगी कार्रवाई?

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हाई कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करता है या सरकार की इंटरनल विजिलेंस रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संदीप जीआर की विदाई तय मानी जा रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस‘ नीति है और दूसरी तरफ गंभीर व्यक्तिगत आरोप—ऐसे में सागर प्रशासन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

“न्याय की उम्मीद में मैं हाई कोर्ट गया हूँ। मेरी मेहनत की गाढ़ी कमाई और सरकारी भुगतान को कलेक्टर साहब ने रोक रखा है।” > — पीड़ित ठेकेदार

मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ेगा। देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने अधिकारियों का बचाव करती है या भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए सागर में भी ‘सफाई अभियान‘ चलाती है।

  • gaurav singh rajput

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