
झज्जर/ मुकेश कुमार जैन: धर्मनगरी झज्जर में विराजमान परम पूज्य आचार्य भगवन् श्री 108 आर्जवसागर जी महामुनिराज का पावन केशलोंच गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की और धर्मलाभ प्राप्त किया।
णमोकार महामंत्र के उच्चारण से गूंजा वातावरण
केशलोंच जैन परंपरा में तप, त्याग और संयम का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। पावन आयोजन के दौरान पूरा वातावरण णमोकार महामंत्र के पवित्र उच्चारण और भक्ति भाव से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के तप, संयम और साधना के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
श्रद्धालुओं ने लिया धर्ममार्ग पर चलने का संकल्प
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आचार्य श्री के त्याग, तपस्या और साधनापूर्ण जीवन से प्रेरणा लेते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। समाजजनों ने कहा कि गुरुदेव का सान्निध्य आत्मकल्याण और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा प्रदान करता है।
स्थानीय जैन समाज और आयोजन समिति ने इस पावन आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। സമൂഹ ने आचार्य श्री के मंगलमय सान्निध्य को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया।
- Acharya Shri Arjavsagar Ji Maharaj Performs Keshloch In Jhajjar








