
अनूपपुर: जिले में इन दिनों जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। छत्तीसगढ़ के कटघोड़ा क्षेत्र से आया एक और हाथी मंगलवार को जिले में प्रवेश कर तीन अन्य हाथियों के समूह में शामिल हो गया, जिससे अब कुल चार हाथी जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में विचरण कर रहे हैं।
इसके अलावा एक दंतैल हाथी पिछले करीब 14 दिनों से जिला मुख्यालय के पास खांड़ा क्षेत्र के जंगल में लगातार घूम रहा है। हाथियों की बढ़ती संख्या और उनकी गतिविधियों से आसपास के गांवों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।
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हाथियों के समूह ने कई गांवों में घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया है। चोई और आसपास के क्षेत्रों में कच्चे मकानों में तोड़फोड़ कर अनाज खा लिया गया, वहीं खेतों में लगी फसलें भी बर्बाद कर दी गईं। खांड़ा क्षेत्र में भी एक हाथी द्वारा घरों और बाड़ियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में हाथियों के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक परिजनों को मुआवजा नहीं मिला। साथ ही खेतों और मकानों के नुकसान का भी सर्वे और राहत राशि नहीं दी गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए, पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए और हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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