
भोपाल (ब्रांडवाणी समाचार): मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में बुधवार का दिन जबरदस्त हलचलों से भरा रहा। राज्य की अफ़सरशाही में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। मध्यप्रदेश के निवर्तमान मुख्य सचिव और 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को केंद्र सरकार में नीति आयोग का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा इस आशय के औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
वहीं दूसरी ओर, अनुराग जैन के दिल्ली जाने के तुरंत बाद मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक वर्णवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव (अस्थायी/स्थानापन्न रूप से) नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
मंत्रालय के प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक सूत्रों में इस फेरबदल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ गर्म हैं। सूत्रों की मानें तो केंद्र की राजनीति और नीति-निर्धारण में अनुराग जैन की पकड़ हमेशा से मजबूत रही है। नीति आयोग के सीईओ के पद पर उनकी ताजपोशी के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मध्यप्रदेश में प्रशासनिक कमान सौंपने में भी उनकी पसंद का ध्यान रखा गया है।



राजनीतिक पंडितों और प्रशासनिक विश्लेषकों का कहना है कि अशोक वर्णवाल की मुख्य सचिव के पद पर ताजपोशी कहीं न कहीं निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन के रणनीतिक प्रभाव और प्रशासनिक समीकरणों का ही परिणाम है।
1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक वर्णवाल इससे पहले लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अपर मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अब देखना यह होगा कि:
- नई कार्यशैली: अशोक वर्णवाल अपने इस नए और बेहद महत्वपूर्ण कार्यकाल में प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को किस दिशा में ले जाते हैं।
- केंद्रीय समन्वय: नीति आयोग में अनुराग जैन की मौजूदगी से मध्यप्रदेश को केंद्रीय योजनाओं और नीतियों में किस प्रकार का लाभ या नया दृष्टिकोण मिलता है।
मध्यप्रदेश के प्रशासनिक भविष्य के लिहाज से यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है। अब तो समय ही बताएगा कि नए मुख्य सचिव का कार्यकाल किस तरह का रहता है और मोहन सरकार में वल्लभ भवन की नई कार्य संस्कृति किस रूप में सामने आती है।
– रिपोर्ट: ब्रांडवाणी समाचार डेस्क, भोपाल








