
रंगपुर/बांग्लादेश: बांग्लादेश के रंगपुर शहर से एक सनसनीखेज और भयावह अपराध की घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में एक सेवानिवृत्त शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और 12 वर्षीय बेटा शामिल हैं। 22 अगस्त की रात माचुआपारा इलाके में स्थित उनके घर से चारों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने शुरुआती पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
सेवानिवृत्त शिक्षक और पूरे परिवार का कत्ल
मृतकों की पहचान रंगपुर जिला स्कूल के पूर्व शिक्षक 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी अगामी चक्रवर्ती और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के रूप में हुई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब कई दिनों तक परिवार से संपर्क न होने पर चिंतित रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने जब माचुआपारा स्थित घर का दरवाजा खोला, तो चारों के शव बरामद हुए। मासूम प्रियम का शव कमरे में बिस्तर के नीचे छिपाकर रखा गया था।
नशीले पदार्थ के विरोध पर शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में इलाके के ही दो निवासियों सिद्धार्थ दास और मुग्धा दास को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत घर की छत से हुई थी। दोनों आरोपी गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर ‘याबा’ नामक प्रतिबंधित नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे। जब बुजुर्ग शिक्षक ने उन्हें देखा और विरोध करते हुए रोकने की कोशिश की, तो उनके बीच तीखा विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पहले गणपति चक्रवर्ती का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। पति को बचाने पहुंची पत्नी प्रीतिलता की भी आरोपियों ने जान ले ली। इसके बाद अपना अपराध छिपाने की नीयत से आरोपियों ने घर में मौजूद बेटी और 12 साल के बेटे की भी हत्या कर दी।
हत्या के बाद घर में ही रुककर बनाया खाना
मामले की सबसे स्तब्ध करने वाली बात आरोपियों का रवैया रहा। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार नहीं हुए, बल्कि कई घंटों तक उसी घर में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने घर में स्नान किया, खाना बनाकर खाया और पुनः नशीले पदार्थ (याबा) का सेवन किया। आरोपियों ने मामले को लूटपाट का रूप देने के लिए पूरे घर का सामान तितर-बितर कर दिया और कुछ कीमती गहने पास ही एक सुनसान जगह पर छिपा दिए, जिन्हें पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया है।
सबूत मिटाने के लिए डिटर्जेंट के घोल में डाले फोन
डिजिटल सबूतों को नष्ट करने के लिए आरोपियों ने परिवार के मोबाइल फोन को पानी और डिटर्जेंट के घोल में डुबोकर रख दिया था ताकि कॉल डिटेल और लोकेशन डेटा से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में जुर्म स्वीकार कर लिया है, हालांकि घटना से जुड़े सभी कानूनी और फोरेंसिक पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
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