
बड़वानी: मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशभर के करीब 32 हजार और बड़वानी जिले के 800 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। आंदोलन के पहले चरण में कर्मचारी 25 से 27 मई तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य कर रहे हैं। इसके बाद 8 जून को भोपाल में सीएम हाउस का घेराव करने की भी चेतावनी दी गई है।
सोमवार को जिला मुख्यालय पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रभारी सीएमएचओ राजेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघ के जिला अध्यक्ष अशोक कनाड़े ने बताया कि राज्य स्तरीय आह्वान पर जिले के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की 8 प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
अशोक कनाड़े ने बताया कि 30 जनवरी 2026 को भोपाल में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नियमितीकरण को लेकर चर्चा हुई थी। बावजूद इसके आज तक कर्मचारियों की मांगों पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बार-बार ज्ञापन, धरना और आंदोलन करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे आज भी अल्प वेतन में कार्य करने को मजबूर हैं और उन्हें ग्रेच्युटी, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा तथा नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और सामान्य प्रशासन विभाग की नीति 2023 के अनुसार नई पेंशन योजना लागू कर एनपीएस तथा हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ दिया जाए।
इसके अलावा अन्य राज्यों की तर्ज पर हर वर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित अन्य पदों के वेतन में संशोधन, वेतन विसंगतियों का निराकरण, पूर्व की तरह इंक्रीमेंट बहाल करने तथा नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश सुविधा देने की मांग भी कर्मचारियों ने उठाई है। कर्मचारियों ने ‘समान काम का समान वेतन’ लागू करने की भी मांग की है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 2 जून से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल की स्थिति में सरकारी अस्पतालों, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों, टीकाकरण अभियान तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।
वहीं प्रभारी सीएमएचओ राजेश गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और स्वास्थ्य बीमा सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है, जिसे शासन स्तर तक भेजा जाएगा। उन्होंने माना कि कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन विभाग की कोशिश रहेगी कि नियमित कर्मचारियों के माध्यम से व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जाएं।
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