
बड़वानी: नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड की जमीन पर सीमांकन और कब्जा प्रक्रिया को लेकर शनिवार को बड़वानी के आमलियापानी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। ग्रामीणों के कड़े विरोध और सड़क जाम के चलते नगर पालिका का अमला करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर रुका रहा। बाद में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्रामीणों को हटाकर निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका बड़वानी द्वारा बड़ागांव स्थित पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड को स्थानांतरित कर बंधान ग्राम के समीप आमलियापानी के पहाड़ी क्षेत्र में नया ट्रेंचिंग ग्राउंड और कचरा निपटान यूनिट विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसी सिलसिले में शनिवार दोपहर नगर पालिका के सीएमओ, इंजीनियरिंग टीम और अन्य अधिकारी जेसीबी मशीनों के साथ चयनित भूमि पर सीमांकन और निर्माण कार्य शुरू करने पहुंचे थे।
नगर पालिका की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने नगर पालिका की टीम को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बड़वानी-सेंधवा मार्ग पर पाइप और मोटरसाइकिलें खड़ी कर रास्ता जाम कर दिया। विरोध के दौरान कुछ ग्रामीणों द्वारा हाथों में पत्थर लेकर चेतावनी देने की बात भी सामने आई, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
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स्थिति को देखते हुए नगर पालिका का अमला मार्ग किनारे ही रुक गया और करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर गतिरोध बना रहा। बाद में प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्रामीणों को सड़क और निर्माण स्थल से हटाया गया तथा क्षेत्र की घेराबंदी कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए ग्रामीणों को ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थल के बाहर ही रोक दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड आबादी के बेहद नजदीक बनाया जा रहा है। ग्रामीण रोहित बामनिया ने बताया कि जिस स्थान पर कचरा निपटान यूनिट बनाई जा रही है, उसके आसपास पहले से ही आवासीय क्षेत्र विकसित हो चुका है। यहां पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पेयजल टंकी का निर्माण भी किया गया है। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्र में ट्रेंचिंग ग्राउंड बनने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा, दुर्गंध फैलेगी और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि इस भूमि को ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए चिन्हित किया गया था, तो फिर यहां सार्वजनिक उपयोग की अन्य सुविधाओं का निर्माण क्यों कराया गया। उनका कहना है कि प्रशासन को स्थानीय लोगों की भावनाओं और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान का चयन करना चाहिए।
वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रस्तावित यूनिट वैज्ञानिक तरीके से संचालित की जाएगी और इससे आसपास के ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। तहसीलदार हितेंद्र भावसार ने बताया कि यहां केवल कचरा निपटान एवं प्रसंस्करण यूनिट विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम कर विरोध किया गया था, जिसके बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया।
तहसीलदार ने कहा कि प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया कि इस परियोजना से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बावजूद कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना बनी हुई है।
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