
भिंड/रामपाल सिंह कुशवाह की रिपोर्ट: वर्षाकाल में जलजनित बीमारियों की रोकथाम और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग भिंड द्वारा जिलेभर में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन किया जा रहा है, वहीं पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकासखंडों से लगातार जल नमूने एकत्र कर उनकी जांच की जा रही है।
विभाग द्वारा हैंडपंप, नल-जल योजनाओं और अन्य पेयजल स्रोतों में क्लोरीनेशन कर पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट किया जा रहा है। साथ ही भिंड विकासखंड के डिडी, जामपुरा, दीनपुरा सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों से जल स्रोतों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण कराया जा रहा है।
जल नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया जीपीएस आधारित फोटोग्राफी के माध्यम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। सभी नमूनों की जांच जिला एनएबीएल (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में की जा रही है। प्रयोगशाला में पानी का रासायनिक एवं जीवाणु परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पेयजल निर्धारित मानकों के अनुरूप है। विभाग ने बताया कि यदि किसी जल स्रोत का पानी जांच में दूषित पाया जाता है तो तत्काल उपचारात्मक कार्रवाई की जाती है। साथ ही संबंधित क्षेत्र के लोगों को उस जल स्रोत का उपयोग नहीं करने की सलाह दी जाती है और आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाते हैं।
आमजन से अपील
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल के दौरान पीने के पानी को हमेशा साफ एवं ढंके हुए बर्तनों में रखें। एहतियात के तौर पर पानी को उबालकर या छानकर ही पिएं तथा हैंडपंप, कुएं और अन्य जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें। विभाग का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन के प्रयासों से जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
ये भी पढ़े – भिंड: पेपर लीक के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला विरोध मार्च
- bhind-phe-department-monsoon-safe-drinking-water-chlorination-water-sample-testing-campaign









