
भोपाल/ आदित्य: प्रदेश के चर्चित मां बगलामुखी मंदिर में कथित चंदा वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मामला सामने आने के बाद राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। मंत्री ने स्वीकार किया कि शिकायत उनके संज्ञान में आई, जिसके बाद कलेक्टर को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों और प्रबंधन की नजर
मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कुछ ऐसे लोग, जो मंदिर प्रबंधन समिति का हिस्सा भी नहीं हैं, कथित तौर पर श्रद्धालुओं से अवैध रूप से चंदा वसूल रहे थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं तो जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी।
मंदिर की राशि का उपयोग
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच समिति गठित कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अवैध वसूली कब से हो रही थी, इसमें कौन-कौन शामिल थे और मंदिर की राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रदेश की शासकीय मंदिर समितियों के ऑडिट के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
धार्मिक स्थल पर चंदा वसूली
मां बगलामुखी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर चंदा वसूली को लेकर उठे सवालों ने श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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