राम मंदिर से नलखेड़ा तक चढ़ावे पर घमासान, चंदा विवाद पर विपक्ष का हमला, सरकार से जवाब मांगने की तैयारी

भोपाल/ आदित्य: मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे और दान को लेकर उठ रहे विवाद अब सियासी रंग लेने लगे हैं। राम मंदिर और बद्रीनाथ से जुड़े कथित चढ़ावा विवादों के बाद मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में कथित चंदा अनियमितताओं के मामले ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के समय हिंदू आस्था की बात करती है, लेकिन जब मंदिरों में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद सामने आते हैं तो दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद में भी कई गंभीर सवाल उठे थे, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की गई।

चंदा गड़बड़ी का मामला सामने

सिंघार ने कहा कि अब नलखेड़ा मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जहां जिला प्रशासन ने जांच समिति तो गठित कर दी है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच निष्पक्ष होगी या मामला भी केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मामलों में कार्रवाई से ज्यादा नुकसान नियंत्रण पर ध्यान देती है।

दोषियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई

विपक्ष का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाला चढ़ावा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है। यदि उसके प्रबंधन में पारदर्शिता नहीं होगी तो लोगों का विश्वास प्रभावित होगा। ऐसे मामलों में केवल जांच समिति बना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई होना भी जरूरी है।

अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच

नेता प्रतिपक्ष ने ऐलान किया कि आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि मंदिरों के चढ़ावे और दान के प्रबंधन की पूरी व्यवस्था सार्वजनिक की जाए और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बना

हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि नलखेड़ा मंदिर से जुड़े मामले में जांच अभी जारी है और प्रशासन की ओर से अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति के साथ-साथ श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • MP-TEMPLE-DONATION-CONTROVERSY-UMANG-SINGHAR
Manisha Gupta

Manisha Gupta

Related Posts

‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान का 13वां दिन: छात्रावासों, धार्मिक स्थलों, जेल और फैक्ट्रियों में चला जागरूकता अभियान

सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर…

आगे पढ़ें
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर डबरा में पांच दिवसीय आयोजन शुरू, 3 अगस्त को निकलेगा भव्य चल समारोह

डबरा/भरत रावत की रिपोर्ट: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती…

आगे पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया

NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया