
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ा गबन मामला सामने आया है। सहकारी समिति में 41 लाख रुपए के घोटाले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 35 लाख रुपए जमीन में दबाकर लोहे की पेटी में छिपा रखे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 33 लाख से अधिक नकदी बरामद कर ली है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
यह मामला ईटखेड़ी थाना क्षेत्र का है, जहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रायपुर में गबन की शिकायत दर्ज की गई थी। समिति के प्रशासक रामचरण सिलावट ने पुलिस को बताया कि 26 और 27 मार्च को किसानों से करीब 41 लाख 94 हजार रुपए की ऋण वसूली की गई थी। लेकिन यह राशि समिति के खाते में जमा नहीं की गई। पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जमीन में छिपाए गए पैसे कैसे मिले?
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर जमीन में दबाई गई लोहे की पेटी से लाखों रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने अब तक 33 लाख 46 हजार 430 रुपए बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी रकम की तलाश जारी है।
जांच कैसे आगे बढ़ी और क्या मिले सबूत?
इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई थी। टीम ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
क्या आगे और खुलासे हो सकते हैं?
पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल चार आरोपियों तक सीमित नहीं हो सकता। संभावना है कि इसमें अन्य लोग भी शामिल हों, जिनकी पहचान की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी समितियों में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाना जरूरी है, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।
भोपाल में सामने आया यह मामला न केवल वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करता है, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता की कमी को भी दिखाता है। पुलिस की कार्रवाई से यह साफ है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है।
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