
भोपाल बनेगा वित्तीय शोध का केंद्र: प्रदेश में खुलेगा ‘फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट’
मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी खजाने के प्रबंधन को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में ‘फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (FTRI) की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह संस्थान सरकारी वित्तीय व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और शोध से जोड़ने का काम करेगा।
इस महत्वपूर्ण संस्थान का संचालन राजधानी भोपाल स्थित प्रतिष्ठित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी के परिसर से किया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए आगामी 3 वर्षों (2026-2029) के लिए 26 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। यह निवेश प्रदेश की वित्तीय नीतियों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है।
संस्थान का मुख्य लक्ष्य प्रदेश की आय को दोगुना करने के लिए नए और वैज्ञानिक रास्ते तलाशना होगा। इसके साथ ही, यह सरकारी खजाने के बेहतर प्रबंधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी (Monitoring) पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। शोध के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि सरकारी धन का अधिकतम लाभ जनता तक कैसे पहुँचाया जाए और राजस्व संग्रह में कैसे वृद्धि की जाए।
इस निर्णय से न केवल सरकारी अधिकारियों को वित्तीय प्रबंधन की आधुनिक ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति प्राप्त होगी। वित्तीय मामलों में विशेषज्ञता हासिल करने वाला यह संस्थान भविष्य में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के सपने को साकार करने में एक आधार स्तंभ साबित होगा।
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