भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल, एक किलोमीटर लंबे जाम में फंसी स्कूल बसें और एम्बुलेंस

भोपाल/ आदि मिश्रा: राजधानी भोपाल में सोमवार दोपहर यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी नजर आई। प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे से अप्सरा, अशोका गार्डन और सुभाष नगर तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम की वजह से सड़क पर घंटों तक वाहन रेंगते रहे। हालात इतने बिगड़ गए कि स्कूल बसों के साथ एम्बुलेंस भी जाम में फंसी नजर आईं।

एक किलोमीटर तक लगी वाहनों की कतार

दोपहर के समय अचानक बढ़े यातायात दबाव के चलते प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे से आगे वाहनों की रफ्तार थम गई। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और जाम का असर अप्सरा, अशोका गार्डन होते हुए सुभाष नगर तक दिखाई दिया।

कई वाहन चालक काफी देर तक जाम खुलने का इंतजार करते रहे। कुछ लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन आसपास के मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ने से राहत नहीं मिल सकी।

जाम में फंसी स्कूल बसें और एम्बुलेंस

जाम का सबसे गंभीर असर उन वाहनों पर पड़ा, जिनके लिए समय बेहद महत्वपूर्ण था। स्कूल बसें और एम्बुलेंस भी जाम में फंसी नजर आईं।

स्कूल बसों के जाम में फंसने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एम्बुलेंस के जाम में फंसने से आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे व्यस्त मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

आम लोगों को हुई भारी परेशानी

जाम के कारण नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से काफी ज्यादा समय लगा।

दोपहर के समय यातायात का दबाव पहले से अधिक रहता है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर लंबे समय तक जाम लगने से आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर दिखाई दिया।

ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि इतने व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं होने के कारण जाम की स्थिति और बिगड़ गई।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात को डायवर्ट किया जाता या प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहते तो वाहनों की लंबी कतार को नियंत्रित किया जा सकता था।

जिम्मेदार अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों से इस मार्ग की यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि व्यस्त समय में अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और जरूरत पड़ने पर डायवर्जन की व्यवस्था की जानी चाहिए।

खास तौर पर एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जाम की स्थिति में मरीजों को परेशानी न हो।

फिलहाल सोमवार दोपहर लगे इस लंबे जाम ने राजधानी की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।

ये भी पढ़े –  मुख्यमंत्री मोहन यादव का खजुराहो एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत

 

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Manisha Gupta

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