
छतरपुर/अमित अवस्थी की रिपोर्ट: साइबर अपराधों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत छतरपुर कोतवाली पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की रकम का ट्रांजैक्शन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले आरोपी, कियोस्क संचालक सहित तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री की जांच में कई बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े मिले हैं। पुलिस का दावा है कि इन बैंक खातों का संबंध विभिन्न राज्यों में दर्ज करीब 35 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी के मामलों से सामने आया है।
20 बैंक पासबुक, 23 एटीएम और 104 सिम बरामद
पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कोतवाली पुलिस को राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास एक व्यक्ति द्वारा म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली। उसके बैग से 20 अलग-अलग बैंकों की पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, 104 सिम कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद दस्तावेजों और संबंधित पोर्टल की जांच की तो कई बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़े पाए गए।
15 राज्यों के साइबर मामलों से जुड़े तार
जांच में बैंक खातों और सिम कार्ड का संबंध बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इन मामलों की कुल राशि करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की पूरी जानकारी जुटा रही है।
तमिलनाडु की महिला से 37.80 लाख की ठगी से भी जुड़ा अकाउंट
जांच के दौरान तमिलनाडु में एक महिला के साथ हुई करीब 37 लाख 80 हजार रुपये की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में भी आरोपी सलमान राइन का बैंक अकाउंट लिंक मिला। पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम का एक हिस्सा आरोपी के खाते में ट्रांजैक्शन हुआ था। सलमान राइन थाना सिविल लाइन, छतरपुर में दर्ज वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में पहले से फरार था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सलमान के खिलाफ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध वसूली और मारपीट सहित 8 अपराध दर्ज हैं।
लोगों के खातों को बनाते थे म्यूल अकाउंट
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। इसके बाद इन खातों से जुड़े सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम का ट्रांजैक्शन कराया जाता था। इस नेटवर्क में म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने, सिम की व्यवस्था करने और बैंकिंग लेन-देन कराने वाले अलग-अलग लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
ये आरोपी गिरफ्तार
- सलमान राइन, पिता मोहम्मद निसार, निवासी बड़ी कुंजरहटी, छतरपुर — म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने/विक्रय करने का आरोपी।
- उज्जवल अग्रवाल, पिता हरिओम अग्रवाल, निवासी पैराडाइज कॉलोनी, छतरपुर – कियोस्क संचालक।
- राहुल पांडेय, पिता दुलीचंद्र पांडेय, निवासी छत्रसाल नगर, छतरपुर।
पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में की गई। इसमें थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर, उप निरीक्षक कुलदीप सिंह जादौन, आरक्षक कपेंद्र घोष, संदीप, नरेश सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब बरामद बैंक खातों, सिम कार्ड और डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।
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