
बीना (सागर)|मनीष कुमार चौबे| ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आज शासकीय पशु चिकित्सालय, बीना में ‘डेयरी प्लस योजना’ के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान योजना के पात्र हितग्राहियों को इलेक्ट्रिक घास कटर (चारा काटने की) मशीनों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों एवं पशुपालकों को शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पारंपरिक डेयरी व्यवसाय को यदि आधुनिक तकनीक और उपकरणों से जोड़ा जाए, तो पशुपालक अपनी लागत कम करके बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे। बीना विधायक निर्मला सप्रे, राजेंद्र उपाध्याय (नगर मंडल अध्यक्ष, बीजेपी), आलेख राय (नगर महामंत्री), कमलेश अहिरवार (अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), गोविंद सिंह ठाकुर (किर्रावदा), गोविंद सिंह ठाकुर (हिन्नौद), सतीश कुर्मी, प्रमोद सैनी इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यकर्ता, योजना के लाभार्थी (हितग्राही) और शासकीय पशु चिकित्सालय बीना का समस्त स्टाफ भी इस दौरान मौजूद रहा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों के सर्वांगीण विकास के लिए कई हितकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ये योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा और गति प्रदान कर रही हैं।
डेयरी व्यवसाय में आधुनिक इलेक्ट्रिक घास कटर जैसी मशीनों का उपयोग न केवल पशुपालकों के समय और श्रम की बचत करेगा, बल्कि चारे की बर्बादी को भी रोकेगा। इससे दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और अंततः ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
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