
बीना/ मनीष कुमार चौबे: मध्य प्रदेश के बीना स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की रिफाइनरी ने रक्षा तैयारियों और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 17 अगस्त 2026 को बीना रिफाइनरी से भारतीय सेना के लिए विकसित Extreme Weather Grade डीजल की पहली कमर्शियल रेक रवाना की गई। 49 वैगनों वाली इस रेक में करीब 32 लाख लीटर यानी 3,200 किलोलीटर XWG डीजल लोड किया गया है।
इस विशेष ईंधन को पंजाब के बठिंडा स्थित रणनीतिक भंडारण केंद्र भेजा गया है। वहां से इसकी आपूर्ति सियाचिन, पूर्वी लद्दाख, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश जैसे अत्यधिक ठंडे सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात भारतीय सेना के लिए की जाएगी।
-42 डिग्री तापमान में भी काम करेगा ईंधन
XWG डीजल को खास तौर पर बेहद कम तापमान वाले इलाकों के लिए तैयार किया गया है। दावा है कि यह ईंधन -42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी तरल बना रहता है। इससे उन इलाकों में सेना के वाहनों और मशीनरी को ईंधन से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलेगी, जहां सामान्य डीजल अत्यधिक ठंड में गाढ़ा होने लगता है।
सामान्य डीजल के जमने या गाढ़ा होने से फ्यूल फिल्टर जाम होने और वाहनों के स्टार्ट न होने जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। ऐसे हालात में सैन्य वाहनों को चालू रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पड़ते हैं। XWG डीजल को इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
बिना तकनीकी बदलाव के मौजूदा वाहनों में इस्तेमाल
इस ईंधन की खासियत यह भी बताई गई है कि इसे सेना के मौजूदा वाहनों, ट्रकों और टैंकों में बिना किसी अतिरिक्त तकनीकी बदलाव के इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी बेहतर कोल्ड स्टार्टेबिलिटी, कम Cold Filter Plugging Point और अत्यधिक कम pour point इसे बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों के लिए उपयोगी बनाते हैं।
इससे सेना को अत्यधिक ठंड में वाहनों और अन्य डीजल आधारित उपकरणों के संचालन में अधिक भरोसेमंद ईंधन उपलब्ध हो सकेगा।
स्वदेशी तकनीक से हुआ XWG डीजल का विकास
XWG डीजल को BPCL के Corporate Research and Development Centre और बीना रिफाइनरी ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है। इसका औपचारिक लॉन्च 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में किया गया था। इसके महज 17 दिन बाद बीना रिफाइनरी से इसकी पहली कमर्शियल रेक रवाना होना उत्पादन और आपूर्ति क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
17 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में सेना मुख्यालय के डीजीएसटी लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने पहली रेक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान BPCL के निदेशक (मार्केटिंग) शुभंकर सेन, बीना रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक के.के. दास, बिजनेस हेड मनोज मेनन सहित भारतीय सेना, रेलवे और BPCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बीना रिफाइनरी के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
बीना रिफाइनरी से XWG डीजल की पहली रेक का रवाना होना केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध देश की रक्षा जरूरतों से भी है। अत्यधिक ठंड वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए निर्बाध ईंधन आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है।
BPCL के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि कंपनी की रिसर्च क्षमता, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है। बीना रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक के.के. दास ने इसे रिफाइनरी के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि यह अनुसंधान, उत्पादन, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स टीमों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
पहले भी बने हैं विंटर ग्रेड ईंधन
विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि देश की अन्य तेल कंपनियां पहले से ही ठंडे इलाकों के लिए विशेष ईंधन तैयार करती रही हैं। इंडियन ऑयल ने 2019 में Winter Grade Diesel और 2022 में All Weather Grade HSD जैसे ईंधन विकसित किए थे। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार Extreme Weather Grade (XWG) Diesel के औपचारिक विकास, लॉन्च और पहली परिचालन आपूर्ति की उपलब्धि BPCL के नाम दर्ज है।
सोशल मीडिया पर भी छाया बीना का गौरव
बीना रिफाइनरी की इस उपलब्धि की चर्चा सोशल मीडिया पर भी देखने को मिली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत और भारतीय सेना की क्षमता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
बीना से 49 वैगनों में करीब 32 लाख लीटर XWG डीजल की पहली रेक का रवाना होना मध्यप्रदेश के लिए भी गौरव की बात है। इससे बीना रिफाइनरी की भूमिका केवल पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अत्याधुनिक ऊर्जा जरूरतों तक भी विस्तार लेती दिखाई दे रही है।
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