
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: फतेहपुर क्षेत्र की अहमद नगर फेज 1, फेज 2 और फेज 3 कॉलोनियों में कथित प्लॉट घोटाले को लेकर मंगलवार को सैकड़ों प्लॉटधारकों का गुस्सा फूट पड़ा। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कॉलोनाइजरों ने करीब 600 प्लॉट बेचने के बाद उन्हीं जमीनों का दोबारा करोड़ों रुपये में सौदा कर दिया। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, गिरफ्तारी करने और उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
सैकड़ों परिवारों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
मंगलवार को फतेहपुर क्षेत्र की अहमद नगर फेज 1, फेज 2 और फेज 3 कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हाथों में आवेदन और आंखों में न्याय की उम्मीद लिए इन परिवारों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत की कमाई और कई मामलों में कर्ज लेकर प्लॉट खरीदे थे, ताकि अपने परिवार के लिए एक स्थायी आशियाना बना सकें। लेकिन अब उनके सपनों पर संकट मंडरा रहा है।
एक ही जमीन दोबारा बेचने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फतेहपुर निवासी डॉ. सादिक, जकी हाशमी, यूसुफ अली अब्दुल मलिक, मुजबिल और निहाल अख्तर ने अहमद नगर फेज 1, फेज 2 और फेज 3 के नाम से कॉलोनियां विकसित कर लगभग 600 प्लॉट बेचे।
पीड़ितों का आरोप है कि प्लॉट बेचने के बाद उन्हीं जमीनों का सौदा किसी अन्य व्यक्ति से करोड़ों रुपये में कर दिया गया। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो सैकड़ों परिवारों के सामने अपने प्लॉट और भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
‘खून पसीने की कमाई दांव पर लग गई’
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कई पीड़ितों ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और अपना घर बनाने के उद्देश्य से प्लॉट खरीदे थे। लेकिन अब उन्हें खुद को ठगा हुआ महसूस हो रहा है।
उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वर्षों की मेहनत की कमाई डूब जाएगी और सैकड़ों परिवारों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
एफआईआर, गिरफ्तारी और रकम लौटाने की मांग
ज्ञापन में पीड़ितों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
साथ ही उन्होंने मांग की कि प्लॉटधारकों की जमा की गई राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए या उन्हें खरीदे गए प्लॉट पर वैधानिक अधिकार सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
मामले में तहसीलदार ओरिया ने कहा कि शिकायत प्रशासन के संज्ञान में आ गई है। प्राप्त आवेदन के आधार पर नियमानुसार जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही होगी आरोपों की पुष्टि
फिलहाल यह मामला बुरहानपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाचार में उल्लेखित सभी आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह जिले के बड़े कथित प्लॉट घोटालों में से एक साबित हो सकता है।
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