
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: जिले के ग्राम खापरखेड़ा और इच्छापुर के बीच प्रस्तावित कल्याण डैम के विरोध में किसानों और ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने परियोजना की स्वीकृति निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि डैम बनने से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि जलमग्न हो जाएगी और सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
नए डैम की आवश्यकता नहीं
किसानों के अनुसार, प्रस्तावित डैम स्थल के आसपास पहले से मोरसिया, नागोनी और देवहरी डैम मौजूद हैं, जिनमें पर्याप्त जल संग्रहण होता है और क्षेत्र की सिंचाई की जरूरत पूरी होती है। उनका कहना है कि ऐसे में नए डैम की आवश्यकता नहीं है।
आजीविका का संकट
ज्ञापन में किसानों ने दावा किया कि प्रस्तावित परियोजना से करीब 80 से 100 एकड़ कृषि भूमि डूब क्षेत्र में आ सकती है, जिससे 100 से अधिक किसान परिवार प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि अधिकांश परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और भूमि डूबने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
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निर्माण कार्य शुरू न किया जाए
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित कल्याण डैम की स्वीकृति तत्काल निरस्त की जाए, उनकी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण न किया जाए और किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू न किया जाए।
लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
नोट: खबर में शामिल दावे किसानों द्वारा जनसुनवाई में दिए गए ज्ञापन पर आधारित हैं। परियोजना या किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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