
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: जिले के उर्दू माध्यम विद्यालयों में उर्दू भाषा में दक्ष शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर पालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई उर्दू माध्यम स्कूलों में ऐसे शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, जिन्हें उर्दू भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक विकास प्रभावित हो रहा है।
परीक्षा परिणाम और भाषा विकास
ज्ञापन में पालकों ने कहा कि उर्दू माध्यम विद्यालयों में अधिकांश छात्र-छात्राएं उर्दू भाषा के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में यदि शिक्षक उर्दू में दक्ष नहीं होंगे तो विद्यार्थियों को विषय समझने में कठिनाई होगी, जिसका असर उनकी पढ़ाई, परीक्षा परिणाम और भाषा विकास पर पड़ेगा।
उर्दू भाषा का पर्याप्त ज्ञान रखने वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाए
पालकों ने प्रशासन से मांग की कि उर्दू माध्यम विद्यालयों में केवल उर्दू भाषा का पर्याप्त ज्ञान रखने वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनके शैक्षणिक हित सुरक्षित रहें।
सरकार की ओर से कोई निर्देश प्राप्त नहीं
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने कहा कि फिलहाल इस विषय में राज्य सरकार की ओर से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
विद्यार्थियों के हितों का ध्यान
ज्ञापन के माध्यम से पालकों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में आवश्यक कदम उठाएगा।
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