
बुरहानपुर जिले की फोफनार शाखा में किसानों के बैंक खातों से कथित तौर पर लाखों रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। फोफनार सहित गोराडिया, संग्रामपुर और पीपरी गांव के किसानों ने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर फर्जी निकासी पर्चियों तथा कथित जाली हस्ताक्षरों के जरिए रकम निकालने के आरोप लगाए हैं। किसानों की ओर से पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है। शिकायत में ग्रामीण बैंक के 23 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्नी के खाते से 9 लाख रुपये निकलने का आरोप
पीड़ित किसान गोपाल चौधरी का आरोप है कि उनकी पत्नी के बैंक खाते से करीब 9 लाख रुपये निकाल लिए गए। उनके मुताबिक इस खाते में पिछले दो वर्षों के दौरान लाड़ली बहना योजना के तहत मिली राशि भी जमा थी। खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद परिवार को इसकी जानकारी हुई। किसान ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए रकम वापस दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
किसान का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और सरकारी योजना से मिली राशि को बैंक खाते में सुरक्षित समझकर रखा था। अब रकम निकलने के बाद परिवार आर्थिक परेशानी का सामना कर रहा है।
सात मिनट में तीन खातों से निकासी का दावा
एक अन्य किसान अश्विन महाजन ने आरोप लगाया कि उनके तीन अलग-अलग खातों से महज सात मिनट के भीतर 80 हजार, 60 हजार और 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। उनके मुताबिक कुल 1.70 लाख रुपये की निकासी हुई। किसान का दावा है कि इस मामले को लेकर कई प्रभावित लोग करीब दो महीने से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि उन्हें ऐसी निकासी की जानकारी तब हुई, जब खातों का रिकॉर्ड देखा गया। अब वे बैंक लेन-देन और निकासी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग कर रहे हैं।
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फर्जी हस्ताक्षर और पर्चियों की जांच की मांग
किसानों की ओर से मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेंद्र महाजन ने आरोप लगाया कि चार गांवों के कई किसानों के खातों से लाखों रुपये की राशि कथित तौर पर निकाली गई है। उन्होंने कुछ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि जांच के दौरान निकासी पर्चियों, हस्ताक्षरों, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित लेन-देन की जांच की जानी चाहिए। यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ प्रभावित किसानों की रकम वापस कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।
23 कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत, पुलिस ने जांच की बात कही
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेंडे के अनुसार, फोफनार क्षेत्र के किसानों ने ग्रामीण बैंक के 23 कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में करीब 70 से 80 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया गया है। शिकायत को शाहपुर थाने भेजा गया है और मामले की जांच कराई जाएगी।
पुलिस के मुताबिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खातों से रकम किस तरीके से निकाली गई और इसमें किसकी भूमिका थी। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फोफनार ग्रामीण बैंक से जुड़े इस मामले में किसानों ने अपनी जमा राशि कथित तौर पर बिना अनुमति निकाले जाने का आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच में बैंक के लेन-देन रिकॉर्ड, निकासी पर्चियों, हस्ताक्षरों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल अहम होगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
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